हरियाणा में स्क्रैपिंग सेंटर अब कहलाएंगे 'उद्योग': सैनी सरकार का बड़ा दांव, सब्सिडी और टैक्स छूट की बौछार
Mar 14, 2026 12:13 PM
चंडीगढ़। हरियाणा को देश का इंडस्ट्रियल हब बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक और मास्टरस्ट्रोक खेला है। राज्य सरकार ने पुरानी और कंडम गाड़ियों को ठिकाने लगाने वाली 'व्हीकल स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग' इकाइयों को उद्योग का दर्जा देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब तक एक सामान्य प्रक्रिया माने जाने वाले इस क्षेत्र को अब औद्योगिक जगत की तमाम सुविधाएं और रियायतें मिलेंगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में 'हरियाणा रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग एंड रीसाइक्लिंग फैसिलिटी इंसेंटिव पॉलिसी-2024' को मंजूरी दे दी गई है, जिससे निवेशकों के लिए सूबे में संभावनाओं के नए रास्ते खुल गए हैं।
पूंजी निवेश पर सब्सिडी और टैक्स में बड़ी राहत
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने इस नीति की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि सरकार का जोर वैज्ञानिक तरीके से गाड़ियों के निपटारे पर है। नई नीति के तहत जो भी निवेशक नई इकाई स्थापित करेगा या अपनी पुरानी इकाई का विस्तार करेगा, उसे 'राजधानी अनुदान योजना' के माध्यम से वित्तीय मदद दी जाएगी। इसके अलावा, नेट एसजीएसटी रीइंबर्समेंट स्कीम के तहत इन इकाइयों द्वारा जमा किए गए राज्य जीएसटी का एक निर्धारित हिस्सा वापस कर दिया जाएगा। यह कदम उन निवेशकों के लिए ऑक्सीजन का काम करेगा जो पिछड़े क्षेत्रों में अपनी यूनिट लगाना चाहते हैं।
इको-पार्क और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
सरकार केवल मशीनें लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक पूरा इको-सिस्टम तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। 'पार्क डेवलपर्स स्कीम' के तहत इको-पार्क और रीसाइक्लिंग पार्क बनाने वाले डेवलपर्स को प्रोजेक्ट लागत (जमीन की कीमत छोड़कर) का एक बड़ा हिस्सा बतौर आर्थिक सहायता दिया जाएगा। इतना ही नहीं, जमीन की खरीद या लीज पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी की भरपाई (रीइंबर्समेंट) भी सरकार करेगी। इससे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा और पुराने वाहनों के टायरों, लोहे और प्लास्टिक का सही ढंग से पुनर्चक्रण हो सकेगा।
रोजगार और पर्यावरण: एक साथ सधेंगे दो निशाने
इस नीति के लागू होने से हरियाणा में न केवल प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों की संख्या कम होगी, बल्कि रीसाइक्लिंग सेक्टर में हजारों की संख्या में रोजगार के नए पद सृजित होंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने साफ किया है कि सरकार का लक्ष्य पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देकर निवेश को आकर्षित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा की यह पहल पड़ोसी राज्यों के लिए भी एक नजीर बनेगी, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों को लेकर पहले से ही कड़े नियम लागू हैं और ऐसे में स्क्रैपिंग सेंटर्स की मांग आने वाले समय में तेजी से बढ़ने वाली है।