Saturday, Jan 17, 2026

पीयू में तीन दिन परीक्षा टलने से छात्र परेशान: नई तारिखों का इंतजार, नेताओं के समर्थन से मजबूत हुआ पीयू आंदोलन


68 views

चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव की तारीख की घोषणा को लेकर चल रहा विवाद रविवार को उस समय और गहरा गया, जब विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों के नेता वीसी कार्यालय के बाहर बैठे छात्रों के धरने में शामिल होने पहुंचे। आंदोलनकारी छात्रों को मिल रहे बढ़ते समर्थन और परीक्षाएं रुकवाने की चेतावनी के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बड़ा निर्णय लेते हुए 18, 19 और 20 नवंबर को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और सुचारू परीक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आवश्यक कदम उठाया गया है। नई तिथियां जल्द घोषित की जाएंगी।


ध्यान रहे कि पिछले पंद्रह दिनों से पीयू बचाओ मोर्चा वीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठा है। मोर्चा की मुख्य मांग है कि सीनेट चुनाव की तारीख का नोटिफिकेशन तुरंत जारी किया जाए, गोल्डन चांस की सुविधा बहाल की जाए और मेडिकल परीक्षा दोबारा करवाई जाए। मोर्चा द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद शनिवार व रविवार को आंदोलन नई दिशा में तब पहुंचा, जब कई संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और छात्रों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया।



यूनिविर्सटी की लोकतांत्रिक संरचना को सुरक्षित रखना जरूरी: दिग्विजय सिंह

रविवार को धरना स्थल पर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट, वर्ग चेतना मंच और सबका सैनिक क्रांतिकारी यूनियन, पंजाब के प्रतिनिधि पहुंचे। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के दिग्विजय सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक संरचना को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह शिक्षा के निजीकरण और केंद्रीकरण को बढ़ावा देती है, जिससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होती है। वर्ग चेतना मंच के प्रतिनिधियों ने छात्रों की एकजुटता की सराहना की और आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। वहीं सबका सैनिक क्रांतिकारी यूनियन, पंजाब के परगट सिंह ढींडसा का कहना था कि सरकार की लापरवाही ने शिक्षा व्यवस्था को निजी हितों की ओर धकेल दिया है, जिसके खिलाफ आवाज उठाना समय की मांग है।



परीक्षाएं न होने देने की दी थी चेतावनी

मोर्चा ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर त्वरित निर्णय नहीं लेता, तो वे 18 नवंबर से शुरू होने वाली परीक्षाएं नहीं होने देंगे। मोर्चा सदस्यों ने चार निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं रोकने की तैयारी भी कर ली थी। इसी स्थिति को देखते हुए शनिवार देर शाम परीक्षा नियंत्रक प्रो. जगत भूषण द्वारा आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें तीन दिनों की सभी परीक्षाएं स्थगित करने की घोषणा की गई। उन्होंने छात्रों से विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल पर अपडेट देखते रहने की अपील की है। 


बीती शनिवार को शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल भी धरना स्थल पर पहुंचे और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। इसके बाद से यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। मोर्चा अब 20 नवंबर को विभिन्न जत्थेबंदियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सीनेट चुनाव की तारीख घोषित नहीं होती, धरना जारी रहेगा और संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

author

Vinita Kohli

पीयू में तीन दिन परीक्षा टलने से छात्र परेशान: नई तारिखों का इंतजार, नेताओं के समर्थन से मजबूत हुआ पीयू आंदोलन

Please Login to comment in the post!

you may also like