- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 04:35
चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव की तारीख को लेकर जारी सस्पेंस और बढ़ गया है। चुनाव कार्यक्रम घोषित न होने से छात्रों, शिक्षकों और कई संगठनों में नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच बुधवार को शहर में दो बड़े आंदोलनों—संयुक्त किसान मोर्चा की विशाल रैली और “पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ बचाओ मोर्चा” के शटडाउन—के चलते चंडीगढ़ में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने वाली है। प्रशासन ने कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू करने की घोषणा कर दी है। ऐसे में पीयू प्रशासन ने भी अधिकारिक नोटिस जारी कर कैंपस के सभी टीचिंग और नॉन-टीचिंग विभाग/ऑफिस बुधवार को बंद रखने की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार यह नोटिस सीधे तौर पर छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।
किसानों की दो बड़ी रैलियां, 15 हजार लोगों के आने का अनुमान
किसान आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 26 नवंबर को चंडीगढ़ में शक्ति-प्रदर्शन की घोषणा की है। सेक्टर-43 दशहरा ग्राउंड में एसकेएम की मुख्य रैली होगी। इसमें 30 से अधिक किसान संगठनों के 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है। वहीं दूसरे गुट की ओर से सेक्टर-34 ग्राउंड में जुटाने की मांग की गई है, जहां 5,000 से अधिक किसानों के आने की संभावना जताई गई है। पंजाब के कई जिलों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बसों में 25 नवंबर की रात से ही चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं। पिछले साल सितंबर में सेक्टर-34 में पांच दिन चला किसान धरना शहर में अव्यवस्था पैदा कर चुका है। इस बार पुलिस पहले से ही सख्त तैयारी में है।
पीयू बचाओ मोर्चा का शटडाउन—सीनेट चुनाव की अनिश्चितता पर आंदोलन तेज
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ बचाओ मोर्चा ने बुधवार को पूरे कैंपस में पूर्ण शटडाउन का एलान किया है। मोर्चा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 25 नवंबर तक चुनाव की तारीख की घोषणा नहीं होती, तो वे पंजाब और चंडीगढ़ में बीजेपी कार्यालयों का घेराव करेंगे। यूनिवर्सिटी में छात्रों ने रैलियां तेज कर दी हैं और दुकानदारों, कर्मचारियों तथा शिक्षकों से समर्थन की अपील की जा रही है। छात्रों का कहना है कि चुनाव कार्यक्रम का लंबित रहना "यूनिवर्सिटी की लोकतांत्रिक संरचना पर सीधा प्रहार" है।
पुलिस ने ट्रैफिक अलर्ट जारी किया, इन मार्गों से बचें
किसानों और छात्रों की संयुक्त भीड़ को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने शहर में यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू कर दिए हैं। जन मार्ग (मुख्य रोड):कजेहेड़ी चौक (सेक्टर 42/43–52/53) से सेक्टर 42/43 छोटे चौक तक और वहां से अट्टावा चौक (सेक्टर 35/36/42/43) तक, सेक्टर-43 क्षेत्र सेक्टर 43/44 लाइट प्वाइंट न्यायिक अकादमी लाइट प्वाइंट सेक्टर 42/43 छोटे चौक तक वी-4 रोड इन सभी मार्गों पर यातायात सुबह से देर शाम तक प्रभावित रह सकता है। पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव अपडेट देखें।
3,000 पुलिस जवान तैनात, सीमाओं पर कड़ी निगरानी
चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस ने संयुक्त योजना बनाते हुए शहरभर में भारी सुरक्षा बल तैनात करने का निर्णय लिया है। करीब 3,000 पुलिस मुलाजिम ड्यूटी पर रहेंगे। खास निगरानी सेक्टर-17, 22, 34, 35, पीयू कैंपस और शहर की सीमाओं पर रहेगी। एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि "कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए सभी प्रबंध कर लिए गए हैं। शहरवासियों से सहयोग की अपील है।"
सीनेट चुनाव की तारीख पर अनिश्चितता कायम, छात्रों में नाराजगी तेज
वाइस-चांसलर रेनू विग ने सीनेट चुनाव करवाने की अनुमति चांसलर व उपराष्ट्रपति को भेजी थी, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसी कारण प्रशासन चुनाव की तारीख घोषित नहीं कर पाया है। वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि "चुनाव टलने से यूनिवर्सिटी की लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।" बीती 10 नवंबर को हुए पिछले प्रदर्शन में पीयू के गेट तोड़े गए और बैरीकेडिंग लगानी पड़ी थी। प्रशासन इस बार किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचना चाहता है।
गांवों और शिक्षक संगठनों तक मिला समर्थन
यूनिवर्सिटी बंद की कॉल को न सिर्फ छात्र, बल्कि ग्रामीण स्तर और शिक्षक संगठन भी समर्थन दे रहे हैं। मोगा जिले के पंजग्राईं खुर्द गांव की पंचायत ने बाकायदा प्रस्ताव पास कर घोषणा की है कि“चंडीगढ़ पर पंजाब का हक है और पंजाब यूनिवर्सिटी पंजाब की धरोहर है।”पंचायत ने लोगों से यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा का समर्थन करने की अपील की है। वहीं पंजाब टीचर्स एसोसिएशन और स्कूल टीचर्स फेडरेशन ने भी 26 नवंबर को पीयू बंद के समर्थन की घोषणा की है। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि भी चंडीगढ़ पहुंचेंगे।
शहर में तनावपूर्ण माहौल की आशंका
किसानों का शक्ति प्रदर्शन, पीयू का शटडाउन, शिक्षक-पंचायतों का समर्थन और शहर में हजारों लोगों की संभावित एंट्री इन सबके कारण बुधवार, को चंडीगढ़ में सुरक्षा और ट्रैफिक की बड़ी चुनौती रहने वाली है। ऐसे में पीयू कैंपस रहेगा बंद रहेगा। सेक्टर-43 और सेक्टर-34 भीड़भाड़ वाले क्षेत्र बनेंगे और लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने की अपील की गई है। प्रशासन ने साफ कहा है कि शहर के हित में सभी को एहतियात बरतनी होगी।