चंडीगढ़: पारदर्शिता, निष्पक्षता और सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ के एस्टेट कार्यालय में सभी सेवा आवेदनों के निपटारे के लिए एफआईएफओ (फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट) प्रणाली लागू कर दी गई है। इस प्रणाली के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त होने वाले आवेदनों का निपटारा सख्ती से उसी क्रम में किया जाएगा, जिस क्रम में वे जमा किए गए हैं। एस्टेट कार्यालय के अनुसार, एफआईएफओ व्यवस्था पूरी तरह प्रणाली-आधारित है और इसके कड़ाई से अनुपालन के लिए ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी नियंत्रण विकसित किए गए हैं। किसी भी अधिकारी को यह अधिकार नहीं होगा कि वह पहले से लंबित आवेदन को छोड़कर बाद में प्राप्त किसी आवेदन को प्रक्रिया में ले सके। सिस्टम स्वयं ही क्रम से हटकर किसी भी आवेदन पर कार्रवाई की अनुमति नहीं देता।
एफआईएफओ प्रणाली के लागू होने से किसी भी प्रकार की प्राथमिकता, सिफारिश या व्यक्तिगत अनुरोध के आधार पर आवेदन निपटारे की संभावना समाप्त हो गई है। अब न तो बार-बार कार्यालय आने से और न ही किसी विशेष आग्रह से आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित होगी। इससे पक्षपातपूर्ण या चयनात्मक कार्रवाई पर पूरी तरह रोक लगेगी। एस्टेट अधिकारी ने बताया कि इस पहल के साथ-साथ कार्यालय में कई सिटीजन फ्रेंडली सुधार भी किए गए हैं। इनमें दस्तावेजों की आवश्यकता का युक्तिकरण, कम दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रक्रिया का सरलीकरण और सेवाओं का पूर्णतः ऑनलाइन एवं कंप्यूटराइज़्ड निपटारा शामिल है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आवेदक बिना एस्टेट कार्यालय आए, सभी सेवाओं का लाभ ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे, जिससे जनता का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।
एफआईएफओ प्रणाली से होंगे ये लाभ
- कोई भी अधिकारी क्रम से हटकर किसी आवेदन का चयन या निपटारा नहीं कर सकेगा
- किसी भी प्रकार की प्राथमिकता या विशेष रियायत क्रम से बाहर नहीं दी जा सकेगी
- व्यक्तिगत अनुरोध, सिफारिशें या बार-बार कार्यालय आने से आवेदन प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा