Saturday, Jan 10, 2026

युद्ध नशों के विरुद्ध’; पंजाब सरकार स्कूल-आधारित एक्शन प्रोग्राम के माध्यम से युवा मनों की रक्षा करेगी: हरजोत सिंह बैंस


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मोहाली: प्रदेश में जारी ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब सरकार ने नशे की समस्या की जड़ पर प्रहार करते हुए शिक्षा और रोकथाम पर केंद्रित एक व्यापक स्कूल-आधारित एक्शन प्रोग्राम लागू करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील युवा मनों की सुरक्षा करना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लागू की जा रही इस पहल के अंतर्गत स्कूलों और शिक्षकों को नशों के खिलाफ दीर्घकालिक लड़ाई में अग्रिम पंक्ति के सुरक्षा कवच के रूप में तैयार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री  हरजोत सिंह बैंस, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं दिल्ली की शिक्षा क्रांति के सूत्रधार श्री मनीष सिसोदिया के साथ, आज मोहाली के फेज़ 3बी1 स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत चल रहे क्षमता निर्माण प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्राचार्यों और शिक्षकों से संवाद करने पहुंचे थे। 


इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की और उपस्थित शिक्षकों के साथ आगामी रणनीति साझा की। सरकार के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि जहां एक ओर नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं वास्तविक और स्थायी विजय तभी संभव है जब किशोर पीढ़ी को नशों की गिरफ्त में आने से पहले ही सुरक्षित कर लिया जाए। उन्होंने कहा, “इस निर्णायक युद्ध में शिक्षा और रोकथाम हमारे सबसे बड़े हथियार हैं। जागरूकता, नैतिक मूल्यों और अनुशासन के माध्यम से कोमल युवा मनों की सुरक्षा ही पंजाब से नशों के उन्मूलन का स्थायी मार्ग है।” शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पंजाब भर की सीनियर सेकेंडरी (कक्षा 11वीं एवं 12वीं) कक्षाओं में विद्यार्थियों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में विशेष रूप से तैयार पाठ्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। 


उन्होंने कहा, “इस सुव्यवस्थित हस्तक्षेप से विद्यार्थियों को आयु-उपयुक्त, तथ्यात्मक एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे वे सोच-समझकर जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम होंगे।” मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आगे बताया कि पंजाब सरकार मोहाली जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रतिदिन ध्यान (मेडिटेशन) सत्र आरंभ करेगी। उन्होंने कहा, “स्कूल में विद्यार्थियों के दिन की शुरुआत लगभग 30 मिनट के ध्यान सत्र से की जाएगी, जिससे उनका मानसिक अनुशासन, भावनात्मक संतुलन और नैतिक स्तर सुदृढ़ होगा। इससे बच्चों को नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए आंतरिक शक्ति प्राप्त होगी।” शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर जोर देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राचार्यों और शिक्षकों का क्षमता निर्माण एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “यह प्रशिक्षण एक सशक्त शुरुआत है। 


हम शिक्षकों को प्रारंभिक जोखिम संकेतों की पहचान करने, सावधानीपूर्वक हस्तक्षेप करने और बच्चों को नशों से दूर रखने के लिए तैयार कर रहे हैं। हमारा मिशन प्रत्येक बच्चे की रक्षा करना और उन्हें इस लड़ाई का अग्रदूत बनाना है।” मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने यह भी जानकारी दी कि प्रत्येक स्कूल में शिकायत-सह-सुझाव बॉक्स स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी बिना अपनी पहचान उजागर किए, अपने आसपास नशा बेचने वालों या उन्हें संरक्षण देने वाली भ्रष्ट गतिविधियों की जानकारी साझा कर सकेंगे। उन्होंने कहा, “प्राप्त प्रत्येक सूचना/शिकायत का राज्य स्तर पर विश्लेषण कर त्वरित एवं स्वतंत्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जवाबदेही और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।” 


इस दौरान दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने एक्स (सोशल मीडिया) हैंडल पर मोहाली स्कूल दौरे की कुछ झलकियां साझा करते हुए लिखा, “‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के फेज़-2 के तहत पंजाब सरकार राज्य भर के सभी स्कूलों के प्राचार्यों को प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। यह प्रशिक्षण स्कूलों में मजबूत नशा-विरोधी वातावरण विकसित करने और प्रत्येक बच्चे की मानसिक दृढ़ता को इतना सशक्त बनाने पर केंद्रित है कि वह किसी भी दबाव, उकसावे या लालच में आए बिना नशों को स्पष्ट रूप से ‘ना’ कह सके।” उन्होंने आगे लिखा, “उद्देश्य यह है कि यह मानसिक दृढ़ता उनके चरित्र का स्थायी हिस्सा बने और जीवन भर उनका साथ बनी रहे। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न जिलों में आयोजित किए जा रहे हैं, जहां मनोवैज्ञानिक और शिक्षा विशेषज्ञ प्राचार्यों के साथ प्रत्यक्ष संवाद कर रहे हैं।” 


मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, “आज मुझे पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ मोहाली जिले में ऐसे ही एक प्रशिक्षण सत्र में भाग लेने का अवसर मिला। यह देखकर संतोष हुआ कि सरकार केवल ‘पिंड के पहरेदार’ ही नहीं, बल्कि ‘दिमाग के पहरेदार’ भी तैयार कर रही है, ताकि नशों को जड़ से समाप्त कर आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।” इस संवाद के दौरान शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की बेहतर निगरानी और उन्हें सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन देने संबंधी कई अभिनव सुझाव भी साझा किए गए, जिनकी हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया दोनों ने सराहना की तथा शिक्षकों को अपने-अपने स्कूलों में नशा-विरोधी अभियान का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह भी उपस्थित थे। इससे पूर्व, स्कूल ऑफ एमिनेंस की छात्राओं द्वारा गिद्दा प्रस्तुत किया गया, जिसके प्रेरणादायक बोलों के माध्यम से समाज और पंजाब को नशा-मुक्त रखने का सशक्त संदेश दिया गया तथा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ की भावना को और मजबूती प्रदान की गई।

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Vinita Kohli

युद्ध नशों के विरुद्ध’; पंजाब सरकार स्कूल-आधारित एक्शन प्रोग्राम के माध्यम से युवा मनों की रक्षा करेगी: हरजोत सिंह बैंस

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