अब करनाल से दिल्ली सिर्फ 90 मिनट में! नमो भारत प्रोजेक्ट की DPR को मिली हरी झंडी
Mar 02, 2026 1:09 PM
करनाल | हरियाणा के करनाल और रेवाड़ी जिले के बावल से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नमो भारत रैपिड ट्रेन के दो अहम कॉरिडोर—करनाल से दिल्ली और बावल से दिल्ली—की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने मंजूरी दे दी है। अब प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा और स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
यह कदम दिल्ली-एनसीआर में रोजाना आने-जाने वाले हजारों कर्मचारियों, उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों और छात्रों के लिए सीधे तौर पर असर डालेगा। खासकर करनाल, रेवाड़ी, धारूहेड़ा और गुरुग्राम बेल्ट में रहने वालों को तेज और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा।
करनाल से दिल्ली: 136 किलोमीटर का हाई-स्पीड कॉरिडोर
करनाल से दिल्ली तक प्रस्तावित रैपिड ट्रेन कॉरिडोर 136 किलोमीटर लंबा होगा। यह ट्रेन करनाल से चलकर मुरथल और कुंडली होते हुए दिल्ली पहुंचेगी।
इस रूट पर कुल 17 स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना पूरी होने के बाद करनाल से दिल्ली की दूरी लगभग 90 मिनट में तय हो सकेगी, जिससे नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक दबाव कम होगा और निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी।
बावल से दिल्ली: औद्योगिक बेल्ट को सीधा फायदा
बावल से दिल्ली तक रैपिड मेट्रो कॉरिडोर 93 किलोमीटर लंबा होगा। यह ट्रेन रेवाड़ी, धारूहेड़ा, पंचगांव, मानेसर और गुरुग्राम होते हुए दिल्ली पहुंचेगी।
इस रूट पर 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं और यात्रा समय लगभग एक घंटा रहने की संभावना है। बावल और मानेसर की औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को रोजाना के सफर में बड़ा लाभ मिलेगा।
HMRTC का दावा: 4 साल में पूरा होगा काम
Haryana Mass Rapid Transport Corporation (HMRTC) के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर खरे ने बताया कि दोनों परियोजनाएं आवंटन के करीब चार साल के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली और एनसीआर की औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत लाखों लोगों को तेज रफ्तार सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन खर्च और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।
इन शहरों तक विस्तार की तैयारी
HMRTC ने भविष्य की योजनाओं में पांच और शहरों को शामिल किया है। प्रस्ताव के अनुसार दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल तक विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक कॉरिडोर भी प्रस्तावित है।
यदि ये परियोजनाएं मंजूर होती हैं तो हरियाणा के बड़े हिस्से को दिल्ली से सीधे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे रियल एस्टेट, उद्योग और रोजगार के अवसरों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।