चरखी दादरी में ठगी: 100 किसानों के 15 करोड़ लेकर व्यापारी फरार, पूरे इलाके में हड़कंप
Apr 09, 2026 5:50 PM
चरखी दादरी। चरखी दादरी जिले के कृषि प्रधान क्षेत्र नीमड़ी और इसके आसपास के गांवों में इन दिनों सन्नाटा पसरा है, लेकिन यह सन्नाटा किसी शांति का नहीं बल्कि उस गहरे सदमे का है जो एक भरोसेमंद व्यापारी ने क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को दिया है। सालों से जिस व्यापारी को किसान अपनी फसल और जमा पूंजी सौंपते आ रहे थे, वही व्यापारी आज करीब 15 करोड़ रुपये डकार कर फरार हो गया है। इस घटना ने न केवल 100 से अधिक परिवारों की आर्थिक कमर तोड़ दी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में 'भरोसे' की बुनियाद को भी हिलाकर रख दिया है।
साजिश ऐसी कि किसी को भनक तक न लगी
ठगी का शिकार हुए किसानों ने जब मामले की तहकीकात की, तो जो तथ्य सामने आए वे चौंकाने वाले थे। आरोपी व्यापारी ने फरार होने की तैयारी हफ्तों पहले से कर ली थी। सूत्रों के मुताबिक, उसने अपने पैतृक गांव बौंद कलां में स्थित अपनी तमाम अचल संपत्ति को गुपचुप तरीके से बेच दिया था। किसानों का आरोप है कि वह पूरी प्लानिंग के साथ उनकी मेहनत की कमाई समेटने में जुटा था और जैसे ही हाथ में मोटी रकम आई, वह परिवार समेत गायब हो गया।
घर-घर में पसरी मायूसी: कैसे होगी बेटी की शादी?
ठगी की इस वारदात ने किसानों के घरों में खुशियों पर ग्रहण लगा दिया है। गांव नीमड़ी के बुजुर्ग किसान रणबीर सिंह की आंखों में आंसू हैं। वे कहते हैं, "पूरी उम्र की कमाई व्यापारी के पास इस उम्मीद में छोड़ दी थी कि वक्त पर काम आएगी। अगले महीने बेटी के हाथ पीले करने हैं, अब समझ नहीं आ रहा कि शामियाना कैसे सजेगा और बारात का स्वागत कैसे होगा।" वहीं अशोक कुमार जैसे किसानों के सामने बच्चों के नए सत्र की स्कूल फीस और एडमिशन का संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने बैंक से ज्यादा उस व्यापारी पर यकीन किया था, जो अब 'धोखाधड़ी' का पर्याय बन गया है।
प्रशासनिक चौखट पर न्याय की पुहार
हैरान-परेशान किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल पहले स्थानीय विधायक सुनील सांगवान से मिला और फिर दादरी के डीएसपी रमेश कुमार के दफ्तर पहुँचा। किसानों ने दोटूक शब्दों में कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपनी पाई-पाई की रिकवरी चाहिए। डीएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और स्थानीय पुलिस को आरोपी की तलाश में लगा दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के करीबियों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उसे दबोच लिया जाएगा। हालांकि, किसान इस बात से डरे हुए हैं कि कहीं आरोपी प्रदेश की सीमा पार न कर गया हो।
यह घटना उन सभी किसानों के लिए एक चेतावनी है जो बिना किसी पुख्ता रसीद या बैंक माध्यम के अपनी फसल की बड़ी रकम आढ़तियों या निजी व्यापारियों के पास 'अमानत' के तौर पर छोड़ देते हैं। फिलहाल, दादरी के इन गांवों में चूल्हे ठंडे हैं और निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।