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विनेश फोगाट के समर्थन में उतरे महावीर फोगाट: बृजभूषण के खिलाफ भतीजी की जंग को बताया सत्य

May 05, 2026 11:50 AM

चरखी दादरी। चरखी दादरी की मिट्टी से निकले विख्यात कोच और दंगल गर्ल गीता-बबीता के पिता महावीर फोगाट अब अपनी भतीजी विनेश फोगाट के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और पहलवानों के बीच छिड़ी इस जंग ने अब हरियाणा की खापों और खेल गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। महावीर फोगाट ने स्पष्ट कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जब इतने गंभीर आरोप लगा रहा है, तो उसमें निश्चित तौर पर सच्चाई है। उन्होंने कहा कि विनेश का दर्द और संघर्ष असली है और किसी भी खिलाड़ी को बिना किसी खौफ के अपनी प्रतिभा दिखाने का हक होना चाहिए।

'गोंडा में निष्पक्ष कुश्ती मुमकिन नहीं', विनेश ने आयोजन स्थल पर उठाए सवाल

विनेश फोगाट ने हाल ही में एक वीडियो संदेश जारी कर सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के गोंडा में होने वाली प्रतियोगिताओं पर सवाल दागे हैं। विनेश का तर्क है कि गोंडा बृजभूषण शरण सिंह का गृहक्षेत्र है और वहां पूरा सरकारी व खेल तंत्र उनके प्रभाव में काम करता है। विनेश ने आशंका जताई है कि वहां रेफरी से लेकर मैट चेयरमैन तक सब एकतरफा फैसला ले सकते हैं। विनेश का सबसे बड़ा आरोप यह है कि उन्हें मैट पर दोबारा लौटने से रोकने की साजिश रची जा रही है और वहां निष्पक्ष रूप से वजन (Weight Category) चेक होना भी नामुमकिन है।

खेल मंत्रालय की चुप्पी पर कटाक्ष, खिलाड़ियों में असुरक्षा का भाव

अपनी बात रखते हुए विनेश ने केवल खेल संघ ही नहीं, बल्कि सरकार और खेल मंत्रालय की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि खिलाड़ियों को न्याय मिलने के बजाय उन्हें ही प्रताड़ित महसूस कराया जा रहा है। महावीर फोगाट ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि खेल के मैदान राजनीति का अखाड़ा न बनें। महावीर फोगाट के इस समर्थन ने विनेश की लड़ाई को नई मजबूती दी है, क्योंकि फोगाट परिवार का कुश्ती जगत में अपना एक अलग रसूख है।

क्या अब बदलेगा कुश्ती का सियासी समीकरण?

विनेश और महावीर फोगाट के इन बयानों के बाद अब गेंद सरकार और खेल मंत्रालय के पाले में है। हरियाणा के खेल प्रेमी और खाप पंचायतें भी इस मामले पर पैनी नजर रखे हुए हैं। जिस तरह से एक अनुभवी प्रशिक्षक ने अपनी ही भतीजी के आरोपों को सही ठहराया है, उससे कुश्ती महासंघ के भीतर चल रही खींचतान और गहराने के आसार हैं। विनेश ने साफ कर दिया है कि वह झुकने वाली नहीं हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या खिलाड़ियों को उनकी पसंद का सुरक्षित और निष्पक्ष मंच मिल पाएगा?

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