क्या पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस की कीमतों में होगा बदलाव? सरकार ने बताया नया प्लान
Mar 11, 2026 10:58 AM
नई दिल्ली। नई दिल्ली में ऊर्जा बाजार से जुड़ी हलचल के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी गैस सप्लाई के प्रबंधन में बदलाव किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है, लेकिन सरकार का कहना है कि फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने की स्थिति नहीं बनी है।
सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग नियम में बदलाव किया है। अब उपभोक्ता 25 दिन से पहले नया गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। पहले यह अवधि 15 दिन थी। सरकार का कहना है कि यह कदम घरेलू गैस सप्लाई को संतुलित बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि बढ़ी
सरकारी जानकारी के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। इसका सीधा मतलब है कि नया सिलेंडर बुक करने के लिए उपभोक्ताओं को अब कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा।
सरकार का तर्क है कि आमतौर पर एक परिवार साल में करीब 7 सिलेंडर इस्तेमाल करता है। इस हिसाब से एक सिलेंडर लगभग 50 दिन तक चलता है। इसलिए बुकिंग अवधि बढ़ाने से आम उपभोक्ताओं को किसी बड़ी परेशानी की आशंका नहीं मानी जा रही है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या कहा मंत्रालय ने
पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन अभी ऐसी स्थिति नहीं है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत बदलाव करना पड़े।
सरकार का कहना है कि ऊर्जा आपूर्ति को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है। घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं को भी गैस सप्लाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
पश्चिम एशिया संकट के बीच गैस सप्लाई पर नजर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे हालात में भारत सरकार ने घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता देने की रणनीति अपनाई है।
इसी के तहत होटल और कुछ उद्योगों को मिलने वाली एलपीजी गैस की आपूर्ति उपलब्धता के आधार पर कम की जा सकती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू रसोई गैस की कमी न हो।
जरूरत पड़ी तो कमर्शियल सिलेंडर पर सख्ती
पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि यदि परिस्थितियां और चुनौतीपूर्ण हुईं तो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को और सीमित किया जा सकता है। हालांकि फिलहाल ऐसा कोई फैसला लागू नहीं किया गया है।
सरकार का स्पष्ट रुख है कि किसी भी स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं की गैस सप्लाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।