LPG New Rules: 1 जून से लागू होगा 'एक घर-एक सिलेंडर' का नियम, अधिक कनेक्शन रखने वालों पर होगी सख्ती
May 31, 2026 10:56 AM
दिल्ली। घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की जमाखोरी, दुरुपयोग और सब्सिडी के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। आगामी 1 जून से देश भर में 'एक घर, एक एलपीजी कनेक्शन' का नया नियम प्रभावी होने जा रहा है। सरकार के इस कदम का सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिन्होंने एक ही घर के पते पर कई गैस कनेक्शन ले रखे हैं या फिर घरों में पाइप वाली गैस (PNG) आने के बाद भी एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक दबाकर बैठे हैं।
सरकारी तेल कंपनियों ने जारी किया संयुक्त फरमान
देश की प्रमुख सार्वजनिक तेल कंपनियों— इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने एक संयुक्त सार्वजनिक नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं को सचेत किया है। इन कंपनियों ने साफ कहा है कि जिन लोगों के पास एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन हैं, वे बिना किसी देरी के उन्हें नजदीकी डीलरशिप पर जाकर तुरंत सरेंडर कर दें। सरकार की नई नीति के मुताबिक, "एक परिवार और एक रसोई" के सिद्धांत पर ही गैस की आपूर्ति की जाएगी। एक ही राशन कार्ड या पते पर चल रहे अतिरिक्त कनेक्शनों को अब अवैध माना जाएगा।
PNG वाले घरों के लिए उल्टी गिनती शुरू, मिला 30 दिन का वक्त
नियमों में सबसे बड़ा बदलाव उन शहरी इलाकों के लिए है जहां पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) की लाइन बिछ चुकी है। सरकार का मानना है कि जिन क्षेत्रों में पाइप से गैस मिल रही है, वहां एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता खत्म होनी चाहिए ताकि जरूरतमंदों तक रसोई गैस पहुंचाई जा सके। नए आदेश के मुताबिक, पीएनजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को हर हाल में 30 दिनों के भीतर अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। अगर तय मियाद के भीतर ऐसा नहीं किया गया, तो विभाग की ओर से न सिर्फ एलपीजी रिफिलिंग रोक दी जाएगी, बल्कि उस कनेक्शन को हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा। हालांकि, कंपनियों ने यह राहत जरूर दी है कि अगर भविष्य में कभी पीएनजी सप्लाई बाधित होती है, तो उपभोक्ता दोबारा अपना एलपीजी कनेक्शन चालू करवा सकेंगे।
सिलेंडर रीबुकिंग की अवधि बढ़ी, शहरों और गांवों के लिए अलग समय तय
नियमों का यह फेरबदल सिर्फ कनेक्शन सरेंडर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सिलेंडर बुकिंग की अवधि (लॉक-इन पीरियड) में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब कोई भी उपभोक्ता मनमर्जी से जब चाहे तब सिलेंडर रिफिल बुक नहीं करा सकेगा। आपूर्ति व्यवस्था पर बढ़ते दबाव और सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकने के लिए अब शहरी क्षेत्रों में दो सिलेंडरों के बीच का अंतर बढ़ाकर 25 दिन तय किया जा रहा है। वहीं, ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए यह लॉक-इन पीरियड 45 दिनों का होगा। यानी शहरों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन पूरे होने से पहले उपभोक्ता को दूसरा सिलेंडर डिलीवर नहीं किया जाएगा।