पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल, आज से 3.25 रुपये महंगा हुआ ईंधन
May 15, 2026 9:56 AM
दिल्ली। देश में महंगाई से जूझ रही जनता के लिए शुक्रवार की सुबह बुरी खबर लेकर आई। केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों के साथ समीक्षा के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3.25 रुपये प्रति लीटर की सीधी बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के तुरंत बाद राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई समेत देश के तमाम बड़े शहरों में ईंधन की नई दरें लागू हो गई हैं। जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन बाधित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम चढ़े हैं, जिसका सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है।
मेट्रो शहरों का हाल: दिल्ली से मुंबई तक हर तरफ हाहाकार
दिल्ली में कल तक जो पेट्रोल 94.77 रुपये में मिल रहा था, वह आज उछलकर 97.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं, डीजल भी 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये के पार चला गया है। मुंबई की स्थिति और भी गंभीर है, जहां पेट्रोल के दाम 106.68 रुपये और डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर दर्ज किए गए हैं। कोलकाता और चेन्नई में भी ईंधन की कीमतें 100 के मनोवैज्ञानिक स्तर को काफी पीछे छोड़ चुकी हैं। इस बढ़ोतरी से न केवल निजी वाहन मालिकों बल्कि माल ढुलाई महंगी होने के कारण रसद (logistics) और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने का भी खतरा पैदा हो गया है।
दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा मार, 110 के पार पहुंचा आंकड़ा
ताजा बढ़ोतरी के बाद दक्षिण भारतीय राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत अब 110.89 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि तिरुवनंतपुरम में भी यह 110.58 रुपये के स्तर को छू चुका है। उत्तर भारत के राज्यों की तुलना में दक्षिण में टैक्स और परिवहन लागत की वजह से कीमतें हमेशा अधिक रहती हैं, लेकिन 3.25 रुपये की इस एकमुश्त वृद्धि ने मध्यम वर्ग का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
क्या और बढ़ेंगे दाम? एक्सपर्ट्स की राय
बाजार विशेषज्ञों की मानें तो जब तक वैश्विक राजनीतिक हालात स्थिर नहीं होते, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। तेल कंपनियों का कहना है कि वे लंबे समय से घाटे की भरपाई करने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। आम आदमी के लिए चिंता की बात यह है कि ईंधन महंगा होने का सीधा असर बस, ऑटो और टैक्सी के किराए के साथ-साथ सब्जी और फल जैसी बुनियादी जरूरतों की कीमतों पर भी पड़ेगा।