राज्यसभा चुनाव: ओडिशा में कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग, हरियाणा में इनेलो विधायक वोट नहीं करेंगे, चुनावी गणित बदला
Mar 16, 2026 3:47 PM
नई दिल्ली: हरियाणा, बिहार और ओडिशा की कुल 11 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार सुबह 9 बजे से मतदान जारी है। चुनाव के दौरान वही स्थिति सामने आती दिख रही है जिसकी पहले से आशंका जताई जा रही थी। तीनों राज्यों में क्रॉस वोटिंग की खबरों ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे अधिक असर कांग्रेस के विधायकों से जुड़े घटनाक्रम में देखा जा रहा है। ओडिशा में कांग्रेस के तीन विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने की चर्चा है, जबकि बिहार में कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक अब तक मतदान के लिए नहीं पहुंचे। हरियाणा में इनेलो के दोनों विधायकों ने मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है।
ओडिशा में कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग
ओडिशा विधानसभा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव हो रहा है और पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के दौरान खबर सामने आई कि कांग्रेस के तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। जिन विधायकों के नाम चर्चा में हैं उनमें दासरथी गोमांगो, सोफिया फिरदौस और रमेश जेना शामिल बताए जा रहे हैं।
क्रॉस वोटिंग की चर्चा में बीजेडी के कुछ विधायकों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें सौभिक बिस्वाल और चक्रमणि कंअर का नाम लिया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने चौथी सीट के मुकाबले को और ज्यादा रोचक बना दिया है क्योंकि यहां पहले से ही करीबी मुकाबले की संभावना जताई जा रही थी।
बिहार में कांग्रेस और आरजेडी विधायकों का इंतजार
बिहार विधानसभा में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान चल रहा है और छह उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के दौरान कांग्रेस के तीन विधायक और राष्ट्रीय जनता दल का एक विधायक अभी तक वोट डालने नहीं पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि इन सभी के फोन भी बंद आ रहे हैं।
इस स्थिति ने महागठबंधन के नेताओं की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि चुनाव का परिणाम सीधे विधायकों की संख्या पर निर्भर करता है। यदि ये विधायक मतदान नहीं करते हैं तो विपक्षी खेमे के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं और परिणाम पर असर पड़ सकता है।
हरियाणा में इनेलो विधायकों ने वोट नहीं देने का फैसला किया
हरियाणा विधानसभा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इस बार मुकाबला दिलचस्प है क्योंकि दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में प्रत्येक वोट का महत्व बढ़ गया है और राजनीतिक दल अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी बीच इंडियन नेशनल लोकदल के दोनों विधायकों ने मतदान नहीं करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले वोट डालकर मतदान प्रक्रिया की शुरुआत की थी। अब तक हरियाणा में करीब 88 वोट डाले जा चुके हैं।
37 में से 26 सीटों पर पहले ही निर्विरोध चुनाव
इस बार देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इन सीटों में 13 एनडीए और 13 विपक्ष के खाते में गई हैं।
मौजूदा स्थिति में 37 सीटों में से 25 सीटें इंडिया गठबंधन के पास हैं, जबकि 12 सीटें एनडीए के पास हैं। मतदान के बाद यह आंकड़ा बदल सकता है और माना जा रहा है कि एनडीए को लगभग 8 सीटों का फायदा मिल सकता है।
हरियाणा, बिहार और ओडिशा का चुनावी गणित
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं और राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। जीत के लिए 31 वोट जरूरी हैं। भाजपा के पास 48 विधायक हैं और उसके उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और यदि वे एकजुट रहते हैं तो पार्टी के उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को भी पर्याप्त समर्थन मिल सकता है। लेकिन क्रॉस वोटिंग की स्थिति में परिणाम बदल सकते हैं।
बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जबकि महागठबंधन के पास करीब 35 विधायक हैं। इस आधार पर एनडीए चार सीटें आसानी से जीत सकता है। ओडिशा विधानसभा की 147 सीटों में चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। भाजपा के उम्मीदवार मनमोहन सामल और सुजीत कुमार की जीत तय मानी जा रही है। बीजेडी के संत्रुप्त मिश्रा की स्थिति भी मजबूत बताई जा रही है, जबकि चौथी सीट पर मुकाबला अभी खुला हुआ है।