फरीदाबाद अग्निकांड: कूलर फैक्ट्री में फटे सिलेंडर, 700 कूलर जलकर हुए राख
Mar 22, 2026 10:26 AM
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के रोशन नगर इलाके में शनिवार की ढलती शाम चीख-पुकार और धुएं के गुबार में बदल गई। पल्ला थाना क्षेत्र स्थित एक कूलर असेंबलिंग यूनिट में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। चश्मदीदों के मुताबिक, आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही आसमान काला नजर आने लगा। इसी बीच फैक्ट्री के अंदर रखे सिलेंडरों ने एक के बाद एक धमाकों के साथ फटना शुरू कर दिया, जिससे आसपास के रिहाइशी इलाकों में भगदड़ मच गई।
4 महीने की मेहनत और 700 कूलर स्वाहा, मालिक का रो-रोकर बुरा हाल
यह फैक्ट्री सूर्या नगर निवासी सतेंद्र पंडित की है, जो पिछले चार महीनों से गर्मियों के आगामी सीजन की तैयारी में जुटे थे। सतेंद्र ने बताया कि वे अलग-अलग हिस्सों को लाकर यहां कूलर असेंबल करते थे। हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 700 तैयार कूलर डिलीवरी के लिए रखे थे, जो पल भर में लोहे के ढांचे में तब्दील हो गए। पीड़ित मालिक के अनुसार, उनकी फैक्ट्री के बगल में बताशे बनाने का काम होता है। शनिवार शाम वहां से उठी एक चिंगारी उनकी फैक्ट्री में आ गिरी, जिसने चंद मिनटों में सब कुछ तबाह कर दिया।
बाल-बाल बचे कर्मचारी, 8 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू
हादसे के समय फैक्ट्री के भीतर 8 से 10 कर्मचारी काम कर रहे थे। जैसे ही आग की पहली चिंगारी दिखी, कर्मचारियों ने अपने स्तर पर उसे बुझाने का प्रयास किया, लेकिन जब आग बेकाबू हुई तो सभी जान बचाकर बाहर की ओर भागे। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक के बाद एक 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और सिलेंडरों के धमाकों के बीच फायर फाइटर्स को मोर्चा लेने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब तीन-चार घंटे की जद्दोजहद के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक अंदर रखा लाखों का माल राख की ढेरी बन चुका था।
सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल
स्थानीय पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि क्या फैक्ट्री में आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। वहीं, पड़ोस की बताशा फैक्ट्री की भूमिका की भी जांच की जा रही है। रिहाइशी इलाके के इतने करीब चल रही इन यूनिट्स में गैस सिलेंडरों का इस तरह फटना एक बड़े खतरे की ओर इशारा करता है। फिलहाल, मौके पर कूलिंग का काम पूरा कर लिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।