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किसानों की चांदी! महेंद्रगढ़ में ₹6750 तक पहुंची सरसों, MSP से ₹550 ज्यादा मिल रहा दाम

May 06, 2026 5:38 PM

महेंद्रगढ़ | दक्षिण हरियाणा के रेतीले धोरों में इस बार सरसों की फसल किसानों की तकदीर बदल रही है। आम तौर पर सरकारी खरीद और एमएसपी के इर्द-गिर्द घूमने वाला सरसों का बाजार इस बार सरकार की तय सीमा को काफी पीछे छोड़ चुका है।

केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 6,200 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के मुकाबले बाजार में मिल रहे ऊंचे दामों ने किसानों की 'मौज' कर दी है। आलम यह है कि जिन किसानों की फसल की गुणवत्ता बेहतर है, उन्हें एमएसपी से 500 से 700 रुपये तक अधिक का भाव मिल रहा है।

अटेली मंडी में रौनक: स्टॉक निकालने लगे किसान

महेंद्रगढ़ जिले की प्रमुख अटेली अनाज मंडी में पिछले दो दिनों से हलचल काफी बढ़ गई है। बाजार के जानकारों की मानें तो सरसों के भाव में करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल का ताजा उछाल देखने को मिला है।

इस तेजी का सीधा असर उन किसानों पर पड़ा है जिन्होंने ऊंचे दामों की आस में अपनी उपज को घरों या गोदामों में रोक कर रखा था। मंगलवार को अटेली मंडी में सरसों की बोली 6,750 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंची, जिसके बाद मंडी परिसर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से अटा नजर आया। कल अकेले एक दिन में 200 से अधिक किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे।

आवक में भारी इजाफा, अभी और बढ़ सकते हैं दाम

मंडी सुपरवाइजर अनिल कुमार के अनुसार, कीमतों में आई इस मजबूती ने मंडियों की तस्वीर बदल दी है। फिलहाल रोजाना औसतन 5 हजार क्विंटल सरसों की आवक दर्ज की जा रही है। किसानों में अपनी फसल को जल्द से जल्द बेचने की होड़ मची है, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर न पड़ जाए। हालांकि, व्यापारियों का मानना है कि यदि मांग इसी तरह बनी रही, तो आने वाले दिनों में आवक और कीमतों, दोनों में और भी सुधार देखने को मिल सकता है।

फिलहाल, महेंद्रगढ़ के किसानों के लिए यह सीजन किसी बड़े बोनस से कम साबित नहीं हो रहा है। लागत और मेहनत के बीच इस तरह का मुनाफा मिलना कृषि प्रधान क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर है।

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