नूंह में 'जीजा-साला' की शादी बनी जंग का मैदान: नोटों की माला के चक्कर में चले पत्थर, जानें पूरा मामला
May 06, 2026 4:44 PM
मेवात। मेवात के नूंह जिले से रिश्तों की मर्यादा तार-तार करने वाली एक अजीबोगरीब खबर सामने आई है। पुनहाना उपमंडल के नहेदा गांव में एक शादी समारोह उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गया, जब दूल्हे के दो जीजा अपनी 'शान' दिखाने के चक्कर में आपस में ही गुत्थमगुत्ता हो गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते पथराव तक पहुंच गया। गनीमत यह रही कि इस हंगामे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, वरना खुशियों भरा यह माहौल मातम में बदल सकता था।
नोटों की माला और आतिशबाजी ने बिगाड़ा खेल
मिली जानकारी के अनुसार, पप्पू कुरैशी के बेटे के निकाह की तैयारियां जोरों पर थीं और बारात पलवल के लिए निकलने ही वाली थी। रस्म 'सलाम' के दौरान दूल्हे के बड़े जीजा नदीम ने अपनी हैसियत के मुताबिक साले के गले में नोटों की एक भारी-भरकम माला डाली। अभी लोग इस माला की चर्चा कर ही रहे थे कि छोटे जीजा बूल्लर ने माहौल लूटने की कोशिश की। बूल्लर ने छत पर चढ़कर न केवल आतिशबाजी की, बल्कि वहां से नोटों की गड्डियां उड़ानी शुरू कर दीं। बड़े जीजा को छोटे जीजा का यह अंदाज अपनी 'तौहीन' जैसा लगा और बस यहीं से तकरार शुरू हो गई।
लात-घूंसों के बाद पथराव, बिरादरी ने कराया राजीनामा
अहम और दिखावे की यह लड़ाई कुछ ही मिनटों में जुबानी जंग से आगे बढ़कर शारीरिक हिंसा तक पहुंच गई। दोनों जीजाओं के समर्थक आमने-सामने आ गए। पहले लात-घूंसे चले और फिर बात पथराव तक पहुंच गई। बाराती और घराती जो जश्न की तैयारी में थे, वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, जब मामला हद से ज्यादा बिगड़ने लगा, तो गांव के बुजुर्गों और बिरादरी के लोगों ने हस्तक्षेप किया। घंटों की मान-मनौव्वल के बाद दोनों पक्षों के बीच राजीनामा कराया गया और फिर निकाह की आगे की रस्में पूरी की गईं।
दिखावे का बढ़ता चलन बना सिरदर्द
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेवात क्षेत्र में शादियों के दौरान नोटों की माला पहनाने और पैसे लुटाने का चलन एक बड़ी सामाजिक बुराई बनता जा रहा है। कई बार लोग अपनी हैसियत से ज्यादा की मालाएं किराए पर लेकर आते हैं ताकि बिरादरी में अपनी धक जमा सकें। यही 'शो-ऑफ' कई बार आपसी रंजिश और झगड़ों का सबब बन जाता है। पुलिस प्रशासन ने भी पुष्टि की है कि इस मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, क्योंकि दोनों परिवारों ने इसे आपसी मामला बताकर सुलझा लिया है।