Search

Faridabad Neemka Jail: फरीदाबाद की नीमका जेल में बंदी ने दी जान, परिजनों का आरोप- डिप्टी जेलर करते थे टॉर्चर

Jun 08, 2026 1:55 PM

फरीदाबाद। फरीदाबाद की नीमका जिला जेल एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में है। सोमवार तड़के जेल परिसर के भीतर एक बंदी द्वारा बैरक के बजाय अस्पताल के बाथरूम में फंदा लगाकर खुदकुशी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की शिनाख्त गाजीपुर निवासी 25 वर्षीय ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 11 महीनों से विभिन्न संगीन मुकदमों के चलते सलाखों के पीछे दिन काट रहा था। इस घटना की भनक लगते ही जेल महकमे में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान (बीके) सिविल अस्पताल भेजा गया है।

तीन दिनों से जेल अस्पताल में था भर्ती, बेड से गायब होने पर खुली पोल

जेल से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, ऋतिक के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमले जैसे करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। पिछले कुछ दिनों से उसका स्वास्थ्य नासाज चल रहा था, जिसके चलते उसे तीन दिन पहले जेल के ही अंदरूनी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात जब सुरक्षाकर्मी राउंड पर थे, तो ऋतिक अपने बेड पर नदारद मिला। संदेह होने पर जब खोजबीन शुरू हुई तो अस्पताल के बाथरूम में उसका शव फंदे से लटकता मिला। वार्डर की सूचना पर जेल डिप्टी साजिद खान तुरंत मौके पर पहुंचे और आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराया।

'भाई को अंदर पीटा जाता था'— परिजनों का फूटा गुस्सा, आरोपों को प्रशासन ने नकारा

इस बीच बीके अस्पताल पहुंचे मृतक के भाई राजेश ने जेल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद संगीन आरोप मढ़े हैं। राजेश का कहना है कि ऋतिक को जेल के भीतर बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने सीधे तौर पर डिप्टी साजिद खान का नाम लेते हुए कहा कि वे अक्सर ऋतिक के साथ बेवजह मारपीट करते थे, जिससे वह गहरे मानसिक अवसाद में चला गया और अंततः उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। दूसरी तरफ, जेल डिप्टी साजिद खान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि जेल नियमावली के तहत सभी बंदियों से एक जैसा सुलूक होता है और ऋतिक अपनी बीमारी व केसों के चलते पहले से तनाव में था।

खौलता तेल से लेकर मर्डर तक; विवादों का पुराना गढ़ रही है नीमका जेल

यह कोई पहली मर्तबा नहीं है जब नीमका जेल की सुरक्षा और व्यवस्था पर उंगलियां उठी हों। हालिया महीनों में यहाँ कई ऐसी वारदातें हुईं जिन्होंने सरकार की किरकिरी कराई है। फरवरी 2026 में ही जेल के अति-सुरक्षित (हाई सिक्योरिटी) वार्ड में बंद आतंकी आरोपी अब्दुल रहमान की एक दूसरे कैदी ने हत्या कर दी थी, जिसमें कई अधिकारियों पर गाज गिरी थी। इसके ठीक बाद मार्च 2026 में जेल की रसोई के पास दो गुटों के झगड़े में एक कैदी पर खौलता हुआ तेल फेंक दिया गया था। अब ऋतिक की इस संदिग्ध आत्महत्या ने एक बार फिर जेल के भीतर बंदियों की सुरक्षा, मानवाधिकार और आंतरिक निगरानी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। फिलहाल मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

You may also like:

Please Login to comment in the post!