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Karnal News: करनाल में मिड-डे मील का राशन और सिलेंडर चुराने वाले दो गैंग धरे गए

Jun 12, 2026 3:25 PM

करनाल। कहते हैं कि चोर के कोई असूल नहीं होते, लेकिन करनाल में सक्रिय दो शातिर गिरोहों ने बेईमानी की सारी हदें पार कर दीं। ये चोर आलीशान कोठियों या दुकानों को नहीं, बल्कि उन सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को निशाना बना रहे थे जहां गरीब तबके के बच्चे मिड-डे मील (दोपहर के भोजन) के भरोसे पढ़ने आते हैं। पिछले तीन महीनों से जिले के प्राथमिक स्कूलों की रसोइयों से लगातार गायब हो रहे राशन और सिलेंडरों ने पुलिस की नाक में दम कर रखा था। आखिरकार, करनाल पुलिस की अपराध जांच शाखा (सीआईए-3) ने इस गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए छह मुख्य चोरों और चोरी का माल खरीदने वाले दो कबाड़ियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

दिन में ऑटो से रेकी, रात को सफाचट; दो धड़ों में बंटा था नेटवर्क

इस पूरे मामले की कड़ियां तब जुड़नी शुरू हुईं जब बढ़ती वारदातों को देखते हुए एसपी करनाल ने जांच का जिम्मा सीआईए-3 के प्रभारी इंस्पेक्टर अजय कुमार को सौंपा। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जाल के सहारे 9 जून को चिढ़ाव मोड़ के पास से घेराबंदी कर छह आरोपियों को दबोच लिया। अदालत से तीन दिन का रिमांड मिलने के बाद जब इनसे सख्ती से पूछताछ हुई, तो जो कहानी सामने आई वह हैरान करने वाली थी।

इंस्पेक्टर अजय कुमार के मुताबिक, ये आरोपी दो अलग-अलग ग्रुप बनाकर काम कर रहे थे। पहले ग्रुप की कमान अरुण, संदीप और तिलक राज के हाथों में थी, जबकि दूसरे ग्रुप को अमन, आर्यन और सौरभ चला रहे थे। इनका तरीका बेहद शातिर था; ये दिन के समय ऑटो रिक्शा लेकर शहर और देहात के स्कूलों के चक्कर काटते थे और देखते थे कि कहां सुरक्षा ढीली है। रात होते ही ये उसी ऑटो से पहुंचते, ताले तोड़ते और चंद मिनटों में मिड-डे मील का पूरा सेटअप साफ कर देते थे।

साढ़े सात क्विंटल गेहूं और 26 सिलेंडर बरामद, कबाड़ियों पर भी कसा शिकंजा

चोरी की गई इस सामग्री को कौड़ियों के भाव रांवर क्षेत्र के दो कबाड़ियों— गौतम और गुलशन को बेचा जाता था, जिन्हें पुलिस ने सह-आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने अब तक 26 कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर, इनवर्टर, बैटरियां, पीतल-एल्युमिनियम के बड़े बर्तन और करीब साढ़े सात क्विंटल गेहूं बरामद किया है। इसके अलावा, जनवरी और फरवरी के महीनों में बेचे गए माल की एवज में कमाए गए ₹63,000 की नकदी और वारदात में इस्तेमाल दोनों ऑटो भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।

इन इलाकों को बनाया निशाना, अब स्कूलों को वापस मिलेगी अमानत

पुलिसिया तफ्तीश में साफ हुआ है कि इस गैंग का जाल पूरे करनाल जिले में फैला हुआ था। इन्होंने सबसे ज्यादा हाथ घरौंडा, मधुबन और सदर थाना क्षेत्रों के ग्रामीण स्कूलों में मारे। इसके अलावा निसिंग, असंध, कुंजपुरा और सेक्टर-32/33 के इलाके भी इनकी रडार पर थे। फिलहाल, रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कागजी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही बरामद राशन और सिलेंडर संबंधित स्कूलों को सौंप दिए जाएंगे, ताकि चूल्हे दोबारा जल सकें और बच्चों की पढ़ाई और सेहत पर इसका असर न पड़े।

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