कुरुक्षेत्र में बड़ा हादसा: ढाबे की छत से बरसाती पानी निकालते वक्त 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आया युवक, मौत
Jun 12, 2026 4:05 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के झांसा रोड पर शुक्रवार सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक ढाबा संचालक की बिजली का जोरदार करंट लगने से मौके पर ही तड़प-तड़प कर जान चली गई। मृतक की पहचान सिल्वर सिटी (सिरसला रोड) के रहने वाले 35 वर्षीय राहुल उर्फ भोलू के रूप में हुई है। राहुल झांसा रोड पर ही अपना ढाबा चलाकर पूरे परिवार की आजीविका चला रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और कुरुक्षेत्र के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
रात की आंधी-बारिश के बाद छत पर चढ़ा था राहुल
परिजनों ने बताया कि गुरुवार की रात कुरुक्षेत्र और आसपास के इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश हुई थी। इस मूसलाधार बारिश के चलते राहुल के ढाबे की छत पर काफी पानी रुक गया था। शुक्रवार सुबह जब राहुल रोजाना की तरह अपने काम पर पहुंचा, तो उसने सबसे पहले छत का पानी साफ करने का फैसला किया। वह पानी निकालने के लिए जैसे ही छत पर गया, वहां छज्जे के बिल्कुल पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चुंबकीय कशिश (आकर्षण) और करंट की चपेट में आ गया। जब तक नीचे मौजूद लोग कुछ समझ पाते और उसे बचाने की कोशिश करते, राहुल की सांसें थम चुकी थीं।
'कई बार गुहार लगाई, लेकिन कुंभकर्णी नींद सोया रहा विभाग'
इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय दुकानदारों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। रोते-बिलखते परिजनों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को इस मौत का सीधा जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि दुकान के बेहद करीब से गुजर रही यह 11 हजार वोल्ट की लाइन लंबे समय से पूरे इलाके के लिए मौत का फंदा बनी हुई थी। इसे यहां से हटाने या सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट करने के लिए बिजली निगम के दफ्तर में कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार अधिकारियों ने इन चेतावनियों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया।
दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया, इकलौता कमाने वाला था राहुल
विभाग की इस कथित लापरवाही की कीमत एक हंसते-खेलते परिवार को अपना सबकुछ गंवाकर चुकानी पड़ी है। राहुल अपने पीछे पत्नी के अलावा एक 6 साल का बेटा और महज 4 साल की मासूम बेटी छोड़ गया है। घर में वह अकेला ही कमाने वाला सदस्य था, जिससे पूरे परिवार के सामने अब आर्थिक और मानसिक रूप से गहरा संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और शिकायतों को दबाकर बैठने वाले दोषी बिजली अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हो। फिलहाल पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।