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Delhi Court Viral Video: दिल्ली कोर्ट में हुआ चमत्कार, जज के सामने पत्नी ने फाड़े तलाक के कागज, रोते हुए पति को लगाया गले

Jun 12, 2026 3:46 PM

अदालत के कमरों को अक्सर सन्नाटे, तीखी बहसों और बिखरते हुए रिश्तों की गवाही के लिए जाना जाता है। लेकिन दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जो कुछ हुआ, उसकी उम्मीद न तो वहां मौजूद वकीलों को थी और न ही खुद मामले की सुनवाई कर रहे जज साहब को।

इसे कुदरत का करिश्मा कहें या अहंकार पर प्यार की जीत, तलाक की दहलीज पर खड़ी एक पत्नी ने ऐन वक्त पर फिल्मी अंदाज में न सिर्फ कानूनी दस्तावेजों को तार-तार कर दिया, बल्कि अपने बिखरते हुए संसार को एक झटके में बचा लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो इस बात की तस्दीक करता है कि यदि रिश्तों में 'ईगो' को पीछे छोड़ दिया जाए, तो कोई भी दरार इतनी बड़ी नहीं होती जिसे भरा न जा सके।

2020 का निकाह और फिर कोर्ट-कचहरी की वो कड़वी शुरुआत

इस कहानी के मुख्य किरदार हैं सौरभ और शिखा सिंह, जिनकी शादी साल 2020 में बड़े अरमानों के साथ हुई थी। शुरुआती दिन ठीक गुजरे, लेकिन धीरे-धीरे आपसी मतभेदों और गलतफहमियों ने इस कदर तूल पकड़ा कि बात थाने और कोर्ट तक जा पहुंची।

गुस्से के उन्माद में शिखा ने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करा दी और कानूनी तौर पर अलग होने के लिए कोर्ट में अर्जी दे दी। दोनों के परिवार इस बात से मायूस थे कि एक हंसता-खेलता रिश्ता अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है।

जब ससुर की बीमारी ने बदल दी दामाद की फितरत, सरकारी अस्पताल से मेदांता तक का सफर

इस पूरे अदालती विवाद का सबसे गहरा और दर्दनाक असर शिखा के बुजुर्ग पिता की सेहत पर पड़ा। बेटी के घर के बिखराव का सदमा वे बर्दाश्त नहीं कर पाए और कोर्ट की सुनवाई से ठीक 10 दिन पहले उन्हें दिल का भयंकर दौरा (हार्ट अटैक) पड़ गया। वे एक सरकारी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे। जैसे ही दामाद सौरभ को अपने ससुर की इस गंभीर हालत का पता चला, वे अदालती मुकदमों के सारे कड़वे अनुभव और गुस्सा भूल गए।

सौरभ तुरंत अस्पताल पहुंचे और वहां के इंतजामों को नाकाफी देखते हुए बिना एक पल गंवाए अपने ससुर को वहां से डिस्चार्ज कराकर गुरुग्राम के नामी मेदांता अस्पताल में दाखिल करवा दिया। सौरभ ने न सिर्फ आर्थिक रूप से आगे बढ़कर सबसे बेहतरीन इलाज सुनिश्चित किया, बल्कि एक बेटे की तरह दिन-रात अस्पताल में डटे रहे और आखिरकार अपने ससुर की जान बचा ली।

अदालत में आमने-सामने खड़ी थी किस्मत, आंसुओं में बह गई कानूनी दूरियां

इसके बाद जब दोनों पक्ष दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में तलाक की अंतिम प्रक्रिया के लिए आमने-सामने खड़े हुए, तो कोर्ट रूम का नजारा पूरी तरह बदल चुका था। शिखा की आंखों में अब पति के लिए शिकायत या नफरत नहीं, बल्कि उनके इस देवदूत जैसे बड़प्पन के लिए बेपनाह इज्जत और प्यार था।

जैसे ही जज ने मामले की कार्यवाही शुरू की, शिखा ने टेबल पर रखे तलाक के तमाम कागजात उठाए, उन्हें फाड़कर हवा में उछाल दिया और दौड़कर पति सौरभ के गले लग गईं। इस अप्रत्याशित मंजर को देख जज और वकील भी हतप्रभ रह गए। दोनों काफी देर तक कोर्ट रूम के बीचों-बीच रोते रहे। अब इस भावुक लम्हे को इंटरनेट पर खूब सराहा जा रहा है, और लोग कह रहे हैं कि काश! हर टूटते हुए रिश्ते का अंत ऐसा ही सुखद हो।

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