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फरीदाबाद को बड़ी राहत: जाट चौक और भूपानी मोड़ की जर्जर सड़कों का बदलेगा भूगोल, अगले महीने से काम शुरू

May 19, 2026 3:20 PM

फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद की बदहाल सड़कों पर हिचकोले खाते हुए सफर करने को मजबूर स्थानीय जनता का इंतजार अब खत्म होने वाला है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) ने क्षेत्र की दो सबसे व्यस्त और गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों के पुनर्निर्माण की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों की मानें तो टेंडर प्रक्रिया और शुरुआती सर्वे का काम तेजी से निपटाया जा रहा है, ताकि जून के महीने में ही निर्माण एजेंसियां सड़कों पर गिट्टी और तारकोल डालना शुरू कर सकें। इस कदम से न केवल स्थानीय सोसाइटियों के निवासियों को, बल्कि ग्रामीण अंचल से शहर आने-जाने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

10 किलोमीटर का यह स्ट्रेच बनेगा हाई-टेक, मॉनसून से पहले काम शुरू करने की कवायद

यह पूरा प्रोजेक्ट लगभग 10 किलोमीटर के दायरे को कवर करेगा। पहला हिस्सा टिकावली मोड़ से शुरू होकर जाट चौक तक जाएगा, जबकि दूसरा स्ट्रेच भूपानी मोड़ से खेड़ी गांव मोड़ तक विकसित होगा। वर्तमान में इन दोनों ही रास्तों की हालत बेहद दयनीय है। कंक्रीट उखड़ने की वजह से पूरी सड़क धूल के गुबार में तब्दील हो चुकी है और जगह-जगह बने गहरे कुएं जैसे गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं।

सबसे ज्यादा फजीहत मॉनसून के दौरान होती है, जब मामूली बारिश में भी पूरी सड़क समंदर बन जाती है और पानी के नीचे छिपे गड्ढे बाइक और कार सवारों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। चूंकि इस रूट से रोजाना हजारों की संख्या में स्कूल बसें, कॉरपोरेट कर्मचारी और व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं, इसलिए यहां सुबह और शाम के वक्त रेंगता हुआ ट्रैफिक एक आम बात बन चुका है।

आधुनिक तकनीक से होगा निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम भी सुधरेगा

FMDA के इंजीनियरों के मुताबिक, इस बार सिर्फ पैचवर्क करके खानापूर्ति नहीं की जाएगी, बल्कि सड़क की बुनियादी संरचना को पूरी तरह बदला जाएगा। उखड़े हुए हिस्सों को पूरी तरह खोदकर हटाए जाने के बाद सड़कों पर डेंस बिटुमिनस मैकाडम (DBM) और बिटुमिनस कंक्रीट (BC) तकनीक की नई और बेहद मजबूत लेयर बिछाई जाएगी।

इसके अलावा, भविष्य में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सड़क के किनारों पर कंक्रीट के शोल्डर बनाए जाएंगे और ड्रेनेज (निकासी) सिस्टम को भी सुधारा जाएगा ताकि बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो सके। अधिकारियों ने साफ किया है कि इस बार निर्माण की गुणवत्ता और थिकनेस की कड़ी निगरानी होगी, जिससे सड़कें सालों-साल बिना टूटे भारी वाहनों का दबाव झेल सकें।

5 महीने का है डेडलाइन, लेकिन 60 दिनों में चालू होगा मुख्य रास्ता

प्राधिकरण ने पूरे प्रोजेक्ट को मुकम्मल करने के लिए वैसे तो 5 महीने का वक्त तय किया है, लेकिन जनता की सहूलियत को देखते हुए मुख्य कैरिजवे (जिस हिस्से पर गाड़ियां चलती हैं) को केवल 2 महीने के भीतर ही तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद यह है कि मॉनसून के पीक सीजन में लोगों को ट्रैफिक डाइवर्जशन या लंबे जाम की वजह से परेशान न होना पड़े। निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे, इसके लिए स्थानीय ट्रैफिक पुलिस की मदद से रूट डाइवर्जन और वैकल्पिक रास्तों का एक मुकम्मल प्लान भी एडवांस में तैयार किया जा रहा है।

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