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सोनीपत में मारुति का धमाका: खरखौदा प्लांट का दूसरा चरण शुरू, हर साल बनेंगी 5 लाख नई कारें

May 19, 2026 2:11 PM

सोनीपत। हरियाणा का सोनीपत जिला अब देश ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया के ऑटोमोबाइल सेक्टर का नया गंतव्य बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। दिल्ली से सटे खरखौदा आईएमटी में मारुति सुजुकी के दूसरे चरण के प्लांट ने सोमवार से काम करना शुरू कर दिया है। अगस्त 2022 में शुरू हुए इस सफर ने बेहद कम समय में बड़ी छलांग लगाई है। पहले चरण के मुकम्मल होने के बाद यहां सालाना ढाई लाख कारों का उत्पादन हो रहा था, लेकिन अब इस दूसरी यूनिट के चालू हो जाने से क्षमता सीधे दोगुनी यानी 5 लाख यूनिट प्रति वर्ष हो गई है। ऑटोमोबाइल निर्माण में देश में पहले से ही अग्रणी रहा हरियाणा, इस विस्तार के बाद वैश्विक पटल पर एक नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।

निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर का तगड़ा कॉम्बिनेशन, 18 हजार करोड़ का दांव

भारत और जापान के इस साझा उपक्रम ने खरखौदा में विकास की एक नई इबारत लिख दी है। गुरुग्राम और मानेसर के बाद हरियाणा में मारुति का यह तीसरा बड़ा ठिकाना है, जो आने वाले समय में कंपनी का सबसे विशालकाय प्लांट साबित होगा। मारुति सुजुकी ने इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 900 एकड़ जमीन अधिग्रहित की है, जिसमें से 800 एकड़ में कार मैन्युफैक्चरिंग और 100 एकड़ में सुजुकी के दोपहिया वाहनों का निर्माण होना तय हुआ है। इस जमीन के एवज में कंपनी ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (HSIIDC) को 2,397 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। कंपनी इस पूरे हब को 2030 तक 10 लाख वार्षिक उत्पादन की क्षमता तक ले जाने के लिए 18,000 करोड़ रुपये का कुल निवेश कर रही है।

केएमपी और हाईवे कनेक्टिविटी से एक्सपोर्ट को लगेंगे पंख

भौगोलिक और रणनीतिक रूप से खरखौदा की लोकेशन इस उद्योग के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बेहद नजदीक होने के साथ-साथ कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेस-वे, प्रस्तावित हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर और तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) से जुड़े होने के कारण यहां लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बेहद कम आएगा। इस बेहतरीन कनेक्टिविटी का सीधा फायदा कारों के एक्सपोर्ट को मिलेगा। औद्योगिक जानकारों का मानना है कि मारुति के आने के बाद अब ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और एंसिलरी सेक्टर से जुड़ी सैकड़ों छोटी-बड़ी कंपनियां भी सोनीपत का रुख करेंगी, जिससे यह इलाका भी गुरुग्राम और नोएडा की तर्ज पर एक हाई-टेक बिजनेस सिटी में तब्दील हो जाएगा।

युवाओं के लिए नौकरियों की बहार, जमीनों के दामों में आएगा उछाल

इस पूरे विस्तार का सबसे बड़ा और सीधा फायदा हरियाणा के उन युवाओं को मिलने जा रहा है जो लंबे समय से रोजगार की तलाश में हैं। मारुति और उससे जुड़े वेंडर प्लांट्स के जरिए इस क्षेत्र में करीब 13,000 युवाओं के लिए सीधे तौर पर नौकरियों के द्वार खुल रहे हैं। इसके अलावा, इतनी बड़ी तादाद में मैनपावर के आने से स्थानीय स्तर पर हाउसिंग, मार्केट, ट्रांसपोर्ट और फूड बिजनेस को भी जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। इस औद्योगिक हलचल के कारण खरखौदा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कमर्शियल और रेजिडेंशियल जमीनों की कीमतों में भी अचानक तेजी देखने को मिल रही है, जिससे स्थानीय भू-स्वामियों और किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।

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