Fake TTE Vlogger: पटना जंक्शन पर नकली टीटीई बनकर व्लॉगर ने की अवैध वसूली, वीडियो वायरल होने पर रेलवे ने कसी कमर
Jun 13, 2026 1:21 PM
डिजिटल दुनिया में पहचान बनाने और रातों-रात मशहूर होने की सनक युवाओं के सिर चढ़कर बोल रही है। लेकिन जब यह शौक कानून की सरहदें लांघने लगे, तो सलाखों के पीछे पहुंचने नौबत आ जाती है। ताजा मामला बिहार की राजधानी पटना का है, जहां सोशल मीडिया व्लॉगर शिवम गुप्ता ने केवल कंटेंट और व्यूज बटोरने के चक्कर में रेलवे के सुरक्षा तंत्र को ठेंगा दिखा दिया। शिवम ने पटना जंक्शन पर बकायदा ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) की आधिकारिक वर्दी पहनी और यात्रियों के बीच जाकर चेकिंग का नाटक करने लगा। इस पूरी करतूत का वीडियो जब सोशल मीडिया पर आया, तो यूजर्स का गुस्सा भड़क गया और लोगों ने सीधे रेल मंत्रालय को टैग कर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
डर भी लग रहा था, फिर भी यात्रियों की जेब पर डाला डाका
हैरानी की बात यह है कि व्लॉगर को अपनी इस गलती का पूरा अहसास था। वीडियो की शुरुआत में वह खुद कबूल करता है कि स्टेशन पर असली रेलवे पुलिस (GRP/RPF) और असली टीटीई की मौजूदगी के कारण उसे यह फर्जीवाड़ा करने में डर लग रहा था। इसके बावजूद कैमरे और लाइक्स की भूख उस पर इस कदर हावी हुई कि वह बेधड़क प्लेटफॉर्म पर घूम-घूमकर भोले-भाले यात्रियों को ठगने लगा। वर्दी के रौब में आकर कई मुसाफिरों ने उसे सचमुच का रेलकर्मी समझ लिया। कोई उससे अपनी ट्रेन का पता पूछने लगा, तो कोई टिकट न होने के डर से मिन्नतें करने लगा। इसी का फायदा उठाकर व्लॉगर ने कइयों से ₹200 और ₹500 के नोट भी ऐंठ लिए।
'असली टीटीई कितना कमाता होगा?' वाले तंज पर भड़के रेलकर्मी
दिनभर चले इस तमाशे के बाद शिवम गुप्ता ने वीडियो के अंत में गर्व से घोषणा की कि उसने इस 'एक्सपेरिमेंट' से कुल ₹1200 की कमाई की है। हद तो तब हो गई जब उसने कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए दर्शकों से यह विवादित सवाल पूछ लिया कि "जब मैंने नकली बनकर इतने कमा लिए, तो जरा सोचिए एक असली टीटीई दिनभर में कितना कमाता होगा?" व्लॉगर का यही तंज और रेलवे की छवि को धूमिल करने की कोशिश अब उस पर भारी पड़ रही है। इस वीडियो ने न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरी ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले रेल कर्मचारियों के आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचाई है।
दानापुर रेल मंडल सख्त, व्लॉगर पर दर्ज होगी एफआईआर
मामला जैसे ही मुख्यधारा की मीडिया और सीनियर अधिकारियों के संज्ञान में आया, रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के डीआरएम (divisional railway manager) कार्यालय ने इस पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को वीडियो के आधार पर आरोपी व्लॉगर की पहचान कर उसे हिरासत में लेने और सरकारी कर्मचारी का फर्जी रूप धारण करने व अवैध वसूली की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का साफ कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसी संवेदनशील जगहों पर ऐसी गैर-कानूनी हरकतों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।