फतेहाबाद में सुबह-सुबह बड़ा हादसा: चाय बनाते समय रसोई में धमाका, बाप-बेटी बुरी तरह झुलसे
Jun 09, 2026 12:35 PM
फतेहाबाद। फतेहाबाद जिले के भूना कस्बे से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक गरीब किसान का आशियाना पल भर में मलबे के ढेर और राख में तब्दील हो गया। वार्ड नंबर 6 के कंबोज मोहल्ला में मंगलवार की सुबह एक ऐसा धमाका हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तड़के करीब 4 बजे हुए इस गैस ब्लास्ट और उसके बाद भड़की आग ने न सिर्फ बाप-बेटी को बुरी तरह झुलसा दिया, बल्कि परिवार की सालों की जमापूंजी और अरमानों को भी अपनी जद में ले लिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसियों और परिजनों ने बाल्टियों से पानी डालकर जैसे-तैसे आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सबकुछ बर्बाद हो चुका था।
तड़के खेत जाने की तैयारी और चाय का सस्पेंस बना काल
कंबोज मोहल्ला के रहने वाले कालाराम कंबोज पेशे से काश्तकार हैं और दूसरों की जमीन ठेके (पट्टे) पर लेकर खेती करते हैं। रोजमर्रा की तरह मंगलवार तड़के करीब 4 बजे वे खेत पर जाने के लिए सोकर उठे थे। काम पर निकलने से पहले वे रसोई में अपने लिए चाय बनाने गए। रसोई के बंद कमरे में मुमकिनतः रात से ही एलपीजी गैस का रिसाव हो रहा था, जिससे कालाराम अनजान थे। उन्होंने जैसे ही चाय का पतीला चढ़ाने के लिए माचिस की तिल्ली जलाई, हवा में फैली गैस ने बारूद की तरह काम किया और एक कान फोड़ देने वाले धमाके के साथ पूरी रसोई आग के गोले में बदल गई।
पिता की चीख सुनकर बचाने दौड़ी बेटी भी आई चपेट में
धमाका इतना जबरदस्त था कि घर की दीवारें हिल गईं। रसोई में आग से घिरे कालाराम की दर्दनाक चीख सुनकर उनकी 18 साल की बेटी ममता अपनी परवाह किए बिना उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ी।
अस्पताल के बेड पर दर्द से कराहते हुए परिजनों ने बताया:
"ममता जैसे ही रसोई के दरवाजे तक पहुंची, आग की लपटों ने उसे भी अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही सेकंड में बाप और बेटी दोनों आग की लपटों से घिर गए। घर में मौजूद अन्य लोग तुरंत जागे और दोनों को आनन-फानन में खींचकर बाहर निकाला। उन्हें भूना के ही एक निजी अस्पताल ले जाया गया है, जहां दोनों का इलाज चल रहा है।"
बेटी के हाथ पीले करने का सपना और 80 हजार कैश खाक
इस हादसे ने कालाराम के परिवार को आर्थिक रूप से पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। पीड़ित कालाराम ने रोते हुए बताया कि वे पिछले हफ्ते ही अनाज मंडी के आढ़ती से खेती और घर के जरूरी कामों के लिए पैसे उधार लेकर आए थे। उन्हीं पैसों में से उन्होंने अपने 16 वर्षीय बेटे अनिल की पढ़ाई के लिए एक नया लैपटॉप खरीदा था और बाकी बचे 80 हजार रुपये नकद घर की अलमारी में रखे थे।
सबसे बड़ा दुख यह है कि परिवार ममता का रिश्ता तय करने की तैयारी कर रहा था, जिसके लिए पाई-पाई जोड़कर कपड़े, बर्तन और अन्य सामान खरीदकर घर में इकट्ठा किया जा रहा था। आग की इस विभीषिका में नगदी, नया लैपटॉप, अनाज और बेटी की शादी का सारा नया सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी गई है, जो मौके का मुआयना कर नुकसान का आकलन कर रही है।