Fatehabad News: फतेहाबाद में नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, 80 लाख की अवैध संपत्ति पर लगा सरकारी ताला
Jun 19, 2026 4:32 PM
फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद जिले में नशा तस्करों के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने अब उनके आर्थिक साम्राज्य पर सीधा प्रहार करना शुरू कर दिया है। नशीले पदार्थों की तस्करी से बनाई गई अवैध संपत्तियों को कुर्क और फ्रीज करने के अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। फतेहाबाद की एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पुलिस ने तीन शातिर और आदतन नशा तस्करों की कुल 62 लाख 20 हजार रुपये की चल-अचल संपत्ति को सरकारी दस्तावेज में फ्रीज करा दिया है। इस संपत्ति की मौजूदा मार्केट वैल्यू लगभग 80 लाख रुपये आंकी जा रही है। एएसपी ने साफ किया कि जिले में अब तक कुल 33 नशा तस्करों की करोड़ों की बेनामी संपत्ति को कानून के घेरे में लाकर फ्रीज किया जा चुका है।
पहला एक्शन: भूना के रिंकू का 60 लाख का मकान सील
एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि पहला मामला भूना थाने से जुड़ा है। यहां साल 2026 में एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़े गए आरोपी आकाश उर्फ रिंकू के खिलाफ जब पुलिस ने फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन (वित्तीय जांच) शुरू की, तो उसकी कमाई और संपत्ति में जमीन-आसमान का अंतर मिला। रिंकू के पास वैध कमाई का कोई जरिया नहीं था, लेकिन उसने नशे की काली कमाई से भूना में एक आलीशान आशियाना खड़ा कर लिया था। पुलिस की रिपोर्ट के बाद एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-F(1) के तहत उसके 60 लाख रुपये की कीमत वाले इस रिहायशी मकान को फ्रीज कर दिया गया है। आरोपी रिंकू का पुराना रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि उसके खिलाफ साल 2019, 2021 और 2022 में भी नशे की तस्करी के संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
दूसरा व तीसरा एक्शन: तस्करों की कार और बाइक भी जब्त
काली कमाई पर हंटर चलाने की दूसरी कार्रवाई फतेहाबाद शहर के बस अड्डा चौकी क्षेत्र में हुई। यहां हेरोइन तस्करी के आरोप में दबोचे गए दीपक कुमार उर्फ दीपू की वित्तीय प्रोफाइलिंग की गई, जिसके बाद उसकी करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य की मारुति सुजुकी रिट्ज कार को सरकारी कब्जे में ले लिया गया। आरोपी दीपू साल 2018 से ही इस काले धंधे में एक्टिव था और उस पर 2018, 2022 व 2025 में भी केस दर्ज हुए थे। इसी तरह, शहर की हुड्डा पुलिस चौकी के हत्थे चढ़े अतुल उर्फ आशू नाम के तस्कर की 70 हजार रुपये की टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने फ्रीज कर दिया है। आशू के खिलाफ भी 2018, 2022 और 2026 में एनडीपीएस के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
सफेमा दिल्ली से मिली मंजूरी, अब चाहकर भी नहीं बेच पाएंगे अपनी प्रॉपर्टी
प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी ने बताया कि यह कार्रवाई हवा-हवाई नहीं है, बल्कि इसके पीछे पुलिस की लंबी कागजी और कानूनी कसरत है। तीनों मामलों में आरोपियों की पूरी वित्तीय प्रोफाइलिंग तैयार करने के बाद रिपोर्ट को नई दिल्ली स्थित 'सफेमा' (SAFEMA - स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट) अथॉरिटी को भेजा गया था। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-F(1) के तहत इन संपत्तियों को अटैच यानी फ्रीज किया गया है। अब सक्षम प्राधिकारी (कंपीटेंट अथॉरिटी) की लिखित अनुमति के बिना ये तस्कर अपनी इन संपत्तियों को न तो किसी को बेच सकते हैं और न ही किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर कर सकते हैं।