ASI-होमगार्ड मर्डर मामला: एनकाउंटर में मारे गए आरोपी का 7 दिन बाद पोस्टमॉर्टम, कोर्ट के आदेश पर माने परिजन
Mar 03, 2026 4:37 PM
गुरदासपुर: गुरदासपुर में ASI-होमगार्ड मर्डर केस में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारे गए आरोपी रणजीत सिंह का सात दिन बाद पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। सीजीएम कोर्ट ने रणजीत सिंह की मां की याचिका पर सुनवाई करते हुए पोस्टमॉर्टम के आदेश दिए, जिसके बाद परिजन मान गए। मृतक के चाचा हरविंदर सिंह मल्ली ने बताया कि वे कोर्ट के निर्देश के अनुसार सिविल अस्पताल पहुंच चुके हैं, जहां डॉक्टरों और वकीलों की टीम मौजूद है।
पोस्टमॉर्टम से पहले परिवार की मांग
परिवार ने पोस्टमॉर्टम से पहले शव दिखाने की शर्त रखी है। हरविंदर सिंह मल्ली ने कहा कि पारिवारिक सदस्यों को पहले रणजीत सिंह का शव देखने दिया जाए और पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों से उनकी मुलाकात करवाई जाए। उन्होंने पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराने और कोर्ट नोटिस की पूरी जानकारी देने की भी मांग की।
अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। एसपी हेडक्वार्टर युगराज सिंह भी मौके पर पहुंचे। सीनियर मेडिकल ऑफिसर रविंदर सिंह ने बताया कि चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट की निगरानी में तीन डॉक्टरों का पैनल पोस्टमॉर्टम कर रहा है, जिनमें दो फॉरेंसिक विशेषज्ञ अमृतसर से और एक सिविल अस्पताल गुरदासपुर से है।
कोर्ट का फैसला और बोर्ड गठन
कोर्ट ने शव का पोस्टमॉर्टम पीजीआई या एम्स से कराने की मांग खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि यह विषय हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि शव कई दिनों से सिविल अस्पताल में पड़ा है, इसलिए तत्काल पोस्टमॉर्टम जरूरी है। सीजीएम ने एसएमओ को डॉक्टरों का बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए थे।
22 फरवरी की घटना
22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की लाश मिली थी। चौकी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से डेढ़ किलोमीटर दूर है। शुरुआती जांच में मौके से चार खोल बरामद हुए। सरपंच की सूचना पर पुलिस और बीएसएफ मौके पर पहुंचे। बीएसएफ के डीआईजी एके विरदी ने भी घटनास्थल का दौरा किया।
गिरफ्तारी और एनकाउंटर
25 फरवरी को पुलिस ने रणजीत सिंह को गिरफ्तार किया था और हथियार बरामदगी के लिए लेकर गई। SHO की गाड़ी पलटने से वह फरार हो गया। इसके बाद CIA टीम ने पुराना शाला इलाके में उसे घेर लिया और मुठभेड़ में मार गिराया। इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। डीआईजी संदीप गोयल ने कहा था कि तीनों आरोपी ISI हैंडलर्स के संपर्क में थे। वहीं, परिवार ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।