गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा टला: 10 फुट गहरा गड्ढा देख उड़े होश, सुभाष चौक के पास धंसी सड़क
May 07, 2026 12:44 PM
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम की सड़कों पर बुधवार को एक बार फिर बुनियादी ढांचे की पोल खुलती नजर आई। शहर के सबसे व्यस्त रूटों में शुमार सोहना रोड एक्सप्रेस-वे पर सुभाष चौक के नजदीक सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। राजीव चौक से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की तरफ जाने वाले मार्ग पर बीचों-बीच लगभग 10 फुट चौड़ा और काफी गहरा गड्ढा हो गया। गनीमत यह रही कि जिस वक्त जमीन नीचे धंसी, वहां से कोई तेज रफ्तार वाहन नहीं गुजर रहा था, वरना परिणाम बेहद भयावह हो सकते थे।
सीवर लाइन में लीकेज बनी मुसीबत, खिसकी पैरों तले जमीन
शुरुआती जांच में इस हादसे की मुख्य वजह जमीन के नीचे से गुजर रही सीवरेज लाइन में रिसाव (लीकेज) को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पाइपलाइन में लंबे समय से हो रहे रिसाव के कारण भीतर ही भीतर मिट्टी का कटाव हो रहा था। पानी के बहाव ने सड़क की ऊपरी सतह का आधार खोखला कर दिया, जिसके दबाव से आखिरकार भारी-भरकम सड़क नीचे बैठ गई। इस घटना ने एक बार फिर ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रूट डायवर्ट: सर्विस लेन पर रेंगते रहे वाहन, यात्री बेहाल
सड़क धंसने की सूचना मिलते ही गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने मोर्चा संभाला और एहतियातन धंसे हुए हिस्से के चारों ओर बैरिकेड्स लगा दिए। सुरक्षा के लिहाज से राजीव चौक से सोहना की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को सुभाष चौक से पहले ही डायवर्ट कर दिया गया। एक्सप्रेस-वे पर अचानक लगे इस 'ब्रेक' का सीधा असर सर्विस लेन और आसपास की सड़कों पर पड़ा, जहां घंटों तक वाहनों का लंबा जाम लगा रहा। दफ्तर जाने वालों और यात्रियों को तपती धूप में भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
मरम्मत की तैयारी: वैकल्पिक रास्ते अपनाने की सलाह
हादसे के बाद जीएमडीए (GMDA) और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहली प्राथमिकता सीवरेज लाइन की लीकेज को बंद करना है, क्योंकि बिना उसे ठीक किए गड्ढे को भरना बेकार साबित होगा। मरम्मत कार्य में समय लग सकता है, इसलिए प्रशासन ने इस रूट का इस्तेमाल करने वाले लोगों को फिलहाल वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी है। जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, हाई-स्पीड कॉरिडोर के इस हिस्से पर ट्रैफिक को सीमित रखा जाएगा।