Search

गुरुग्राम सुशांत लोक में खौफनाक मंजर: पीजी में लगी भीषण आग, जान बचाकर भागे छात्र

Mar 20, 2026 3:57 PM

गुरुग्राम | साइबर सिटी के सुशांत लोक फेज-1 स्थित एक पीजी हाउस में शुक्रवार दोपहर मौत का साया मंडराता नजर आया। ट्रैफिक टावर के समीप स्थित मकान नंबर 3401 में चल रहे इस पीजी के इलेक्ट्रिक पैनल में अचानक स्पार्किंग हुई और देखते ही देखते आग की लपटें सीढ़ियों और कमरों की ओर बढ़ने लगीं। गनीमत यह रही कि जिस वक्त आग लगी, अधिकांश निवासी जाग रहे थे और शोर मचते ही सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर गुरुग्राम के रिहायशी इलाकों में चल रहे पीजी और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

धमाके के साथ उठीं लपटें, धुएं के गुबार में फंसे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय अचानक बिजली के मेन पैनल से जोर का धमाका हुआ और चंद सेकंड में ही जहरीला काला धुआं पूरी बिल्डिंग में फैल गया। सीढ़ियों के पास आग होने के कारण ऊपरी मंजिलों पर रह रहे युवाओं में घबराहट फैल गई। भगदड़ जैसे माहौल के बीच कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) का उपयोग करने की कोशिश की, लेकिन आग बेकाबू हो चुकी थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

करोड़ों की संपत्ति जलकर राख, दस्तावेजों को नुकसान

भले ही इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन पीजी में रहने वाले छात्रों और कामकाजी युवाओं का काफी सामान जलकर खाक हो गया। लैपटॉप, मोबाइल चार्जर और महत्वपूर्ण शैक्षणिक दस्तावेज आग की भेंट चढ़ गए। प्राथमिक जांच में फायर ब्रिगेड के अधिकारियों का मानना है कि ओवरलोडिंग या पुराने पड़ चुके इलेक्ट्रिक पैनल में शॉर्ट सर्किट होने से यह हादसा हुआ है। स्थानीय पुलिस ने मौके का मुआयना किया है और पीजी संचालक से जरूरी कागजात और सुरक्षा ऑडिट की रिपोर्ट मांगी है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ रही भारी

गुरुग्राम के सुशांत लोक, डीएलएफ और सेक्टर-14 जैसे इलाकों में हजारों पीजी बिना उचित फायर एनओसी (NOC) के चल रहे हैं। संकरी गलियों और क्षमता से अधिक लोगों को रखने के कारण ऐसी घटनाओं में जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रिहायशी मकानों में व्यवसायिक गतिविधियां चलाने से बिजली की लाइनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो अक्सर ऐसे हादसों का सबब बनता है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!