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गैस सिलेंडर बुकिंग में देरी पर हाईकोर्ट सख्त: मोहाली से उठा मामला, केंद्र सरकार को नोटिस, 25 दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर

Apr 22, 2026 12:37 PM

मोहाली: पंजाब के मोहाली जिले के नयागांव नगर परिषद क्षेत्र में गैस सिलेंडर बुकिंग में हो रही देरी का मामला अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। बुधवार को हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका एडवोकेट भगत सिंह घुम्मन द्वारा दायर की गई है, जिसमें उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में रहने के बावजूद उनका गैस कनेक्शन ग्रामीण एजेंसी से जुड़ा हुआ है। इसी कारण उन्हें तय समय के बाद भी नया सिलेंडर बुक करने में परेशानी हो रही है।

25 दिन बाद भी नहीं हो पा रही बुकिंग

याचिका में बताया गया है कि नियमों के चलते 25 दिन बीतने के बाद भी नया सिलेंडर बुक नहीं किया जा रहा है। इसके कारण पिछले 10 दिनों से उनके घर में खाना नहीं बन पाया है। नयागांव क्षेत्र नगर परिषद बनने के बाद शहरी श्रेणी में आ चुका है, लेकिन यहां की हेमकुंड साहिब ग्रामीण गैस वितरक एजेंसी अभी भी ग्रामीण कैटेगरी में ही काम कर रही है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

कोर्ट में पेश की गई अनोखी स्थिति

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अपनी स्थिति को दर्शाने के लिए खाली गैस सिलेंडर को फूल माला पहनाकर अपने चेंबर में रखा। उन्होंने बताया कि वह रोज सुबह और शाम उस सिलेंडर को देखते हैं और नए सिलेंडर का इंतजार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 11 मार्च से उनके घर में खाना नहीं बना है, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई है।

केंद्र सरकार का जवाब और आपत्ति

केंद्र सरकार के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि एजेंसी की ओर से याचिकाकर्ता के घर दो सिलेंडर भेज दिए जाएंगे। हालांकि इस पर वकील ने आपत्ति जताई और कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि पूरे इलाके के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर हल करने की मांग की।

इलाके के अन्य लोग भी प्रभावित

याचिका में यह भी बताया गया है कि नयागांव के कई निवासी इसी समस्या से परेशान हैं। कुछ लोगों का कनेक्शन शहरी गैस एजेंसी से जुड़ा होने के कारण उन्हें 25 दिन में सिलेंडर मिल जाता है, जबकि ग्रामीण एजेंसी से जुड़े लोगों को 45 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं के बीच भेदभाव की स्थिति पैदा हो रही है।

6 मई को अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति बनाने की आवश्यकता जताई है ताकि शहरी और ग्रामीण श्रेणी के बीच अंतर खत्म हो सके। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 मई को होगी, जहां सरकार को अपना पक्ष रखना होगा।

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