Gurugram Elevated Corridor: गुरुग्राम को ₹181 करोड़ के नए एलिवेटेड रोड की सौगात, द्वारका एक्सप्रेसवे जाना होगा आसान
May 21, 2026 5:35 PM
गुरुग्राम। लाखों गाड़ियां, दफ्तरों की भागदौड़ और चौराहों पर रेंगता हुआ ट्रैफिक—यह मिलेनियम सिटी गुरुग्राम की रोजमर्रा की हकीकत है। खासतौर पर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स के दौरान दिल्ली-जयपुर हाईवे से द्वारका एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को कई प्रमुख चौराहों पर घंटों तक जूझना पड़ता है। इसी समस्या का एक स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकालते हुए हरियाणा विकास प्राधिकरण और संबंधित विभागों ने इस ₹181 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का खाका खींचा है। यह कॉरिडोर सेक्टर-10 बस डिपो के पास से शुरू होकर दोनों बड़े हाईवे के बीच एक बाईपास या सीधे संपर्क मार्ग की तरह काम करेगा, जिससे वाहनों को शहर के आंतरिक ट्रैफिक में उलझना नहीं पड़ेगा।
छोटे फ्लाइओवर का विचार खारिज, अब बनेगा 6 लेन का आधुनिक कॉरिडोर
दिलचस्प बात यह है कि इस रूट पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए लंबे समय से मंथन चल रहा था। शुरुआती योजनाओं में लोक निर्माण विभाग यहां की मौजूदा सड़कों को चौड़ा करने और कुछ व्यस्त चौराहों पर छोटे फ्लाइओवर बनाने पर विचार कर रहा था। लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट और भविष्य में गाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस पुराने विचार को खारिज कर दिया गया।
अब फाइनल ब्लूप्रिंट के मुताबिक, यहां एक मुकम्मल एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह एलिवेटेड रोड पूरी तरह से 6 लेन (दोनों तरफ 3-3 लेन) की होगी, जिस पर गाड़ियां बिना किसी रेड लाइट या कट के फर्राटा भर सकेंगी। इसके अलावा, जिन लोगों को स्थानीय सेक्टरों या बाजारों में जाना है, उनकी सुविधा के लिए एलिवेटेड रोड के नीचे दोनों तरफ 2-2 लेन की चौड़ी सर्विस रोड भी तैयार की जाएगी।
समय की होगी भारी बचत, दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को सीधा फायदा
इस नए कॉरिडोर के धरातल पर उतरते ही दिल्ली, गुरुग्राम और जयपुर के बीच आने-जाने वाले कमर्शियल और घरेलू वाहनों को एक नया और वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा। वर्तमान में हाईवे से द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए जो दूरी तय करने में 45 से 50 मिनट का समय बर्बाद होता था, वह इस कॉरिडोर के बनने के बाद घटकर महज 7 से 10 मिनट रह जाएगी। समय की इस बचत से ईंधन की खपत कम होगी और दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा को भी राहत मिलेगी।
रियल एस्टेट सेक्टर को लगेंगे पंख, निवेश की बाढ़
गुरुग्राम में इंफ्रास्ट्रक्चर का सुधरना सीधे तौर पर यहां के रियल एस्टेट मार्केट की सेहत से जुड़ा हुआ है। इस कॉरिडोर की घोषणा के साथ ही सेक्टर-10, सेक्टर-37, और द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास के रिहायशी व कमर्शियल इलाकों में हलचल तेज हो गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क होने की वजह से अगले कुछ महीनों में इन इलाकों में प्रॉपर्टी के दामों में 15 से 20 फीसदी तक का इजाफा देखा जा सकता है। वैसे भी, पिछले कुछ समय में कई वैश्विक और घरेलू बड़ी कंपनियों ने गुरुग्राम में भारी निवेश की घोषणाएं की हैं। ऐसे में यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर शहर को ग्लोबल बिजनेस हब के रूप में और मजबूती प्रदान करेगा।