Gohana Crime: गोहाना के ज्वेलर से ₹20 लाख की चौथ मांगने वाला 'जबरू' गिरफ्तार, पुलिस का त्वरित एक्शन
May 21, 2026 4:32 PM
गोहाना। गोहाना के व्यापारिक हलकों में उस समय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई, जब शहर के जाने-माने सर्राफा कारोबारी (ज्वेलर) गोयल परिवार को ₹20 लाख की फिरौती के लिए धमकी भरा संदेश मिला। पीड़ित ज्वेलर श्री भगवान गोयल (और विहान गोयल) ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत गोहाना सिटी थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। व्यापारियों से जुड़े इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान के निर्देश पर सिटी थाना पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। पुलिस ने जालसाज के खिलाफ रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर घेराबंदी करते हुए कुछ ही घंटों में आरोपी को दबोच लिया। पुलिस की इस फुर्ती से शहर के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
ग्राहक बनकर आया था संपर्क में, सोने के आभूषणों से जुड़ी है कड़वाहट
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान इलाके के ही एक स्थानीय गांव के रहने वाले 'लक्खा उर्फ जबरू' के रूप में हुई है। गोहाना पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कोई अजनबी या पेशेवर गैंगस्टर नहीं है, बल्कि वह पीड़ित ज्वेलर का पुराना परिचित है। जांच में सामने आया है कि लक्खा पहले गोयल ज्वेलर्स का नियमित ग्राहक था और उसने दुकान से सोने के भारी आभूषण भी बनवाए थे। इसी खरीद-फरोख्त के दौरान उनके बीच पैसों के भुगतान को लेकर कोई अनबन शुरू हुई थी, जिसने बाद में एक खौफनाक धमकी का रूप अख्तियार कर लिया।
फिरौती या व्यापारिक विवाद? उलझी गुत्थी को सुलझाने में जुटी पुलिस
इस पूरे घटनाक्रम पर रोशनी डालते हुए एसीपी गोहाना ने प्रेस वार्ता में बताया, "ज्वेलर की शिकायत पर हमने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लक्खा को राउंडअप कर लिया है। शुरुआती पूछताछ में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे इस मामले को थोड़ा पेचीदा बना रहे हैं।" दरअसल, पुलिस कस्टडी में आने के बाद आरोपी और पीड़ित ज्वेलर दोनों ही एक-दूसरे पर वित्तीय धोखाधड़ी और पैसों के गबन के गंभीर आरोप मढ़ रहे हैं।
जहां एक तरफ ज्वेलर का कहना है कि आरोपी जबरन भारी-भरकम रकम वसूलने के लिए उन पर दबाव बना रहा है और न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दे रहा है; वहीं दूसरी तरफ आरोपी का दावा है कि उसका पुराना पैसा ज्वेलर के पास बकाया था। इस विरोधाभास के चलते पुलिस अब दोनों पक्षों के बैंक खातों के स्टेटमेंट, दुकान के बहीखाते और उनके बीच हुई पुरानी बातचीत के डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह शुद्ध रूप से रंगदारी का मामला है, कोई कथित ठगी है या फिर व्यापारिक लेन-देन का कोई पुराना विवाद, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही थी। फिलहाल आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।