धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में अव्यवस्था: दोपहर में ही नशेड़ी जमा रहे डेरा, बंद शौचालयों के कारण महिलाएं परेशान
May 21, 2026 4:22 PM
कुरुक्षेत्र। देश-विदेश से कुरुक्षेत्र आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र ब्रह्मसरोवर के आसपास इन दिनों बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है। यहां सरोवर के पास महिलाओं की सहूलियत के लिए बनाए गए सार्वजनिक शौचालय सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। इन शौचालयों पर हमेशा ताले लटके रहते हैं, जिसके चलते यहां पहुंचने वाली महिला यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी से गुजरना पड़ता है। स्थानीय निवासियों और महिला श्रद्धालुओं की मानें तो उन्होंने आज तक इन शौचालयों के दरवाजे खुले नहीं देखे। सुविधा के नाम पर करोड़ों के बजट वाले इस क्षेत्र में महिलाओं को सिर्फ बंद किवाड़ और अव्यवस्था ही नसीब हो रही है।
दोपहर में नशेड़ियों का तांडव, डर के साए में श्रद्धालु
इस बदहाली के बीच सबसे गंभीर पहलू सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो गया है। इन बंद पड़े शौचालयों के बरामदों और आसपास के रास्तों पर नशेड़ियों ने अपना पक्का डेरा जमा लिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अब स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि दोपहर के उजाले में भी असामाजिक तत्व यहां खुलेआम नशा करते नजर आते हैं। इस वजह से ब्रह्मसरोवर की सैर पर आने वाली महिलाओं और युवतियों में असुरक्षा का माहौल है। महिलाओं का कहना है कि पवित्र धार्मिक स्थल पर इस तरह का माहौल प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
अनहोनी के डर से लगाए ताले, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
जब इस तालाबंदी को लेकर शौचालय की देखरेख में तैनात कर्मचारियों से बात की गई, तो एक अलग ही हकीकत सामने आई। कर्मचारी ने बताया कि लगातार शौचालय खुला रखना सुरक्षा के लिहाज से नामुमकिन हो गया है। कई बार नशेड़ी जबरन महिला शौचालयों के भीतर घुस जाते हैं और नशे की हालत में वहीं पड़े रहते हैं। किसी भी तरह की अनहोनी या हादसे की आशंका को देखते हुए एहतियातन दरवाजों पर ताला जड़ना पड़ता है। हालांकि, उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर महिलाएं उनसे चाबी मांगकर इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। कर्मचारी ने यह भी खुलासा किया कि इस संबंध में दो बार स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन खाकी की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
केडीबी सचिव बोले- कराई जाएगी जांच, खुलेंगे ताले
ब्रह्मसरोवर के पास महिलाओं की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) ने अब रुख कड़ा किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और सभी शौचालयों की तुरंत जमीनी जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी रख-रखाव या सुरक्षा से जुड़ी कमियां मिलेंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। उपेंद्र सिंघल ने स्पष्ट किया कि जल्द ही इन शौचालयों के ताले खुलवाए जाएंगे ताकि किसी भी महिला या पुरुष श्रद्धालु को धर्मनगरी में आकर ऐसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।