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Gurugram NH 48 Accident: गुरुग्राम एक्सप्रेसवे एनएच-48 पर आग का गोला बनी तेज रफ्तार कार, अंदर ही बेहोश चालक

May 23, 2026 1:46 PM

गुरुग्राम। दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम के नेशनल हाईवे-48 पर शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसे याद कर चश्मदीदों की रूह कांप जा रही है। रात के करीब 12:30 बजे दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर रफ्तार का कहर देखने को मिला। दिल्ली की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई। रफ्तार इतनी तेज थी कि कार मुख्य हाईवे के मजबूत डिवाइडर को फांदती हुई दूसरी तरफ रॉन्ग साइड की सर्विस लेन में जा घुसी। सर्विस लेन में जाते ही कार ने वहां खड़े एक ऑटो को जोरदार टक्कर मारी और फिर दोबारा एक अन्य डिवाइडर से जा टकराई।

लोहे और कंक्रीट के इस दोहरे टकराव का असर इतना भयंकर था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और इंजन से चंद सेकेंडों के भीतर ही आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते चमचमाती कार बीच सड़क पर धधकते हुए आग के गोले में तब्दील हो गई।

एयरबैग खुला, सीट बेल्ट फंसी और अंदर बेसुध पड़ा रहा घायल ड्राइवर

टक्कर लगते ही कार के भीतर लगे एयरबैग तो खुल गए, लेकिन हादसे की भयावहता और अंदरूनी चोटों के कारण कार चला रहा शख्स पूरी तरह बेसुध हो गया। वह सीट बेल्ट से बंधा हुआ था और सिर से खून बहने के कारण गाड़ी के स्टियरिंग पर ही निढाल पड़ा था। कार के बोनट से उठती आग की लपटें केबिन की तरफ बढ़ रही थीं और आधी रात का वक्त होने के कारण हाईवे पर सन्नाटा पसरा था। कार के शीशे बंद थे और अंदर फंसा हुआ शख्स जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था। अगर अगले दो मिनट भीतर उसे कोई मदद न मिलती, तो वह जिंदा जल जाता।

चरखी दादरी के रितेश फोगाट ने दिखाई जांबाजी; जलती कार में हाथ डालकर बचाई जान

ठीक उसी वक्त हाईवे से गुजर रहे चरखी दादरी के रहने वाले कैब ड्राइवर रितेश फोगाट की नजर इस धधकती हुई कार पर पड़ी। रितेश ने बिना एक पल गंवाए अपनी टैक्सी को किनारे रोका और बिना अपनी जान की परवाह किए जलती हुई कार की तरफ दौड़ पड़े। कार के पास पहुंचते ही रितेश ने देखा कि अंदर बैठा ड्राइवर लहूलुहान और बेहोश है।

आग की लपटों और तपन के बीच रितेश फोगाट ने बहादुरी की मिसाल पेश की। वे झुलसाने वाली गर्मी के बावजूद कार के दरवाजे की तरफ बढ़े और अंदर हाथ डालकर बेसुध पड़े ड्राइवर की सीट बेल्ट को अनलॉक किया। इसके बाद रितेश ने पूरी ताकत लगाकर खून से लथपथ ड्राइवर को जलती कार के केबिन से खींचकर बाहर निकाला।

रितेश ने सिर्फ उसे बाहर ही नहीं निकाला, बल्कि सड़क पर इंसानियत का फर्ज निभाते हुए तुरंत वहां से गुजर रहे एक ऑटो को हाथ देकर रुकवाया। रितेश ने स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल ड्राइवर को ऑटो में बैठाया और तुरंत नजदीकी अस्पताल के लिए रवाना किया। रितेश की सूझबूझ और इस हैरतअंगेज बहादुरी की वजह से आज एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ने से बच गया। पुलिस को हादसे की सूचना दे दी गई है और एक्सप्रेसवे पर क्रेन की मदद से जली हुई कार को हटाकर यातायात सुचारू किया गया।

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