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गुरुग्राम के सेक्टर-112 में प्लास्टिक गोदाम में लगी भीषण आग, आसमान में छाया काले धुएं का गुबार

May 22, 2026 10:48 AM

गुरुग्राम। गुरुग्राम के सेक्टर-112 (बजघेड़ा) इलाके में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक प्लास्टिक वेस्ट गोदाम से अचानक आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि आसपास की फैक्ट्रियों और रिहायशी इलाकों में धुआं भर गया। चूंकि गोदाम में भारी मात्रा में प्लास्टिक स्क्रैप जमा था, इसलिए लपटों ने पल भर में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। द्वारका एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले मुसाफिरों को भी आसमान में कई किलोमीटर दूर तक तैरता काले धुएं का गुबार साफ नजर आ रहा था।

दमकल के रास्ते में रोड़ा बना विकास कार्य, खेतों से होकर गुजरीं गाड़ियां

इस भीषण अग्निकांड के दौरान सबसे बड़ी चुनौती राहत और बचाव कार्य में देखने को मिली। जैसे ही कंट्रोल रूम को हादसे की इत्तला मिली, फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस की गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया गया। मगर, बदकिस्मती से इलाके में चल रहे निर्माण कार्य के कारण मुख्य फिरनी रोड पूरी तरह बंद थी। दमकल की भारी-भरकम गाड़ियों के लिए वहां से निकलना नामुमकिन हो गया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाई और गाड़ियों को खेतों के संकरे और कच्चे रास्तों से घुमाकर किसी तरह गोदाम के पिछले हिस्से तक पहुंचाया, हालांकि इस कसरत में कीमती वक्त जाया हो गया।

बंद पड़ा था प्लांट, लाइट कटने के बावजूद आग लगने से खड़ा हुआ सस्पेंस

हादसे का शिकार हुआ यह गोदाम दिल्ली के रहने वाले शिव शंकर का है, जो यहां शिव शंकर इंटरप्राइजेज के नाम से प्लास्टिक वेस्ट क्रशिंग का काम करते हैं। उनके भाई विपिन ने मौके पर पहुंचकर जो जानकारी दी, उसने पुलिस और तफ्तीशकर्ताओं को उलझा दिया है। विपिन के मुताबिक, यह गोदाम पिछले कई दिनों से पूरी तरह बंद था और इसके तमाम कर्मचारी भी छुट्टी पर चल रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से गोदाम की मेन पावर सप्लाई (बिजली) भी काट दी गई थी। ऐसे में जब अंदर कोई इंसान नहीं था और शॉर्ट सर्किट की गुंजाइश भी नहीं थी, तो बंद गोदाम के भीतर इतनी भयानक आग कैसे भड़की, यह अब बड़ा सवाल बन गया है।

स्थानीय लोगों ने भी संभाला मोर्चा, बड़ा हादसा टला

फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जब तक वैकल्पिक रास्तों की ठोकरें खाकर मौके पर पहुंचीं, तब तक आसपास के ग्रामीणों और अन्य फैक्ट्रियों के मजदूरों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिशें शुरू कर दी थीं। लोगों ने सबर्सिबल पंप और बाल्टियों से पानी डालकर आग को पड़ोसी गोदामों तक फैलने से रोके रखा। दमकल विभाग के मुताबिक, प्राथमिक तौर पर इस हादसे में किसी जानी नुकसान या किसी के झुलसने की खबर नहीं है, जो कि एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, गोदाम के भीतर रखी कीमती क्रशिंग मशीनें और लाखों रुपये का प्लास्टिक कच्चा माल जलकर पूरी तरह राख हो चुका है।

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