गुरुग्राम रोड अपडेट: 245 KM लंबी सड़कों का होगा कायाकल्प, निगमायुक्त ने तय की समय सीमा
Mar 20, 2026 3:43 PM
गुरुग्राम | मिलेनियम सिटी की चरमराती यातायात व्यवस्था और धूल भरे रास्तों से निजात दिलाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। निगम कार्यालय में आयोजित 'रोड डेवलपमेंट सेल' (RDC) की दूसरी समीक्षा बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि शहर का बुनियादी ढांचा अब केवल पैचवर्क के भरोसे नहीं रहेगा। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में शहर भर में लगभग 245.4 किलोमीटर लंबाई की सड़कों पर निर्माण और सुदृढ़ीकरण का कार्य जारी है, जिसमें 33 मॉडल रोड और 33 सीएक्यूएम (CAQM) आधारित सड़कें शामिल हैं।
प्रदूषण नियंत्रण: धूल को दबाने के लिए 'ग्रीन और पक्का' फॉर्मूला
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के कड़े रुख को देखते हुए निगम ने धूल प्रदूषण को कम करने के लिए दोहरी रणनीति अपनाई है। आयुक्त ने अधिकारियों को 68.75 किलोमीटर कच्चे रास्तों को तुरंत पक्का करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, जीआईएस (GIS) तकनीक का सहारा लेकर उन 11 किलोमीटर लंबे सेंट्रल वर्ज की पहचान की गई है, जहां हरियाली विकसित की जाएगी। इससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि सड़कों के किनारे उड़ने वाली धूल पर भी लगाम लगेगी।
मानसून की अग्निपरीक्षा: जलभराव वाले 37 हॉटस्पॉट पर नजर
हर साल बारिश में झील बन जाने वाले गुरुग्राम के लिए इस बार 'प्री-मानसून' तैयारी पर विशेष फोकस है। समीक्षा बैठक में 37 ऐसी परियोजनाओं पर चर्चा हुई जो जलभराव से प्रभावित रहती हैं। प्रदीप दहिया ने इंजीनियरों को सख्त निर्देश दिए कि सड़कों की ऊंचाई और ढलान का निर्धारण 'वैज्ञानिक तरीके' से किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल सड़क बनाना काफी नहीं है, बल्कि स्थायी जल निकासी सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि नागरिकों को नाव चलाने जैसी नौबत न आए।
मॉडल रोड: पैदल यात्रियों और रात के सफर के लिए सुरक्षित गलियारे
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप, शहर में 124.429 किलोमीटर लंबी मॉडल सड़कें विकसित की जा रही हैं। इन सड़कों की खासियत यह होगी कि यहां बिजली की तारें और अन्य यूटिलिटी सेवाएं जमीन के नीचे (Underground) होंगी। इसके अलावा, सुरक्षित क्रॉसिंग, रैम्प, फुटपाथ और हाई-टेक एलईडी लाइटिंग के जरिए इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। वर्तमान में करीब 20 किलोमीटर हिस्से पर काम शुरू हो चुका है और बाकी प्रोजेक्ट्स टेंडरिंग और शुरुआती चरणों में हैं।
जवाबदेही तय: 'म्हारी सड़क' पोर्टल पर घटीं शिकायतें
जनता की शिकायतों के निपटारे में भी सुधार के संकेत मिले हैं। 'म्हारी सड़क' पोर्टल के डेटा के अनुसार, लंबित शिकायतों का ग्राफ 68 प्रतिशत से गिरकर 57 प्रतिशत पर आ गया है। हालांकि, निगमायुक्त इस आंकड़े से संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने नियमित 'साइट इंस्पेक्शन' को अनिवार्य कर दिया है ताकि फाइलों और हकीकत के बीच का अंतर खत्म हो सके।