भूपेंद्र हुड्डा की बड़ी मांग: पंजाब की तरह हरियाणा के किसानों को भी मिले फसल खराबे का तुरंत मुआवजा
Apr 07, 2026 5:28 PM
हरियाणा। हरियाणा की सियासत के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक बार फिर किसानों के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। भिवानी में पूर्व सांसद जंगबीर सिंह की रस्म-पगड़ी में शोक व्यक्त करने पहुंचे हुड्डा ने पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश के कृषि हालातों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि जब किसान की फसल कटने को तैयार है, तब ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने उसे तबाह कर दिया है। ऐसे में सरकार को कागजी खानापूर्ति छोड़कर तुरंत मैदान में उतरना चाहिए।
पंजाब मॉडल की दुहाई और मंत्रियों पर निशाना
हुड्डा ने पड़ोसी राज्य पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा, "वहां की सरकार ने खराबे का आंकलन शुरू कर दिया है, तो हरियाणा सरकार हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है?" उन्होंने भाजपा के एक मंत्री के उस बयान की भी कड़ी आलोचना की जिसमें कहा गया था कि बारिश से फसलों को फायदा होगा। हुड्डा ने तंज कसते हुए पूछा, "जब फसल का दाना पक चुका हो, तब बारिश से बढ़ोतरी कैसे हो सकती है? भाजपा नेता मदद करने के बजाय किसानों की बदहाली का उपहास उड़ा रहे हैं।"
मंडियों के 'डिजिटल' चक्रव्यूह में फंसा किसान
पूर्व मुख्यमंत्री ने आज से प्रदेश की विभिन्न मंडियों (सांपला, नारायणगढ़, कुरुक्षेत्र) के अपने दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर रखे हैं। मंडियों में बायोमेट्रिक सिस्टम, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबरिंग और गेट पास की दिक्कतों ने किसान को बेहाल कर दिया है। उन्होंने कहा कि तकनीक पारदर्शिता के लिए होनी चाहिए, न कि किसान को घंटों लाइन में खड़ा रखने के लिए।
क्रॉस वोटिंग और पार्टी का आंतरिक घमासान
जब पत्रकारों ने पांच विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग और कांग्रेस की कार्रवाई पर सवाल पूछा, तो हुड्डा ने स्पष्ट किया कि अनुशासन समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान को सौंप दी है। अब गेंद आलाकमान के पाले में है। विधायक रेणू बाला द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि "एक झूठ को छुपाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं।" उनका इशारा साफ था कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
ईंधन संकट पर सरकार को घेरा
देश में ईंधन की कथित किल्लत और पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारों पर हुड्डा ने कहा कि वैश्विक युद्ध की स्थितियों में संकट आना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार का रवैया गैर-जिम्मेदाराना है। एक तरफ सरकार दावा कर रही है कि स्टॉक पर्याप्त है, वहीं दूसरी तरफ जनता तेल के लिए धक्के खा रही है। सरकार को जनता के बीच विश्वास पैदा करना चाहिए और जमीनी हकीकत को स्वीकार कर समाधान निकालना चाहिए।
शोक सभा में हुड्डा के साथ भाजपा विधायक घनश्याम सर्राफ, दादरी विधायक सुनील सांगवान और प्रदेश की विभिन्न खापों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जहां सभी ने दिवंगत सांसद जंगबीर सिंह के सादगीपूर्ण जीवन और समाजसेवा को याद किया।