सीएम नायब सैनी का सख्त आदेश: मंडियों में गड़बड़ी हुई तो नपेंगे अधिकारी, MSP पर होगी पूरी खरीद
Mar 30, 2026 11:05 AM
हरियाणा। चंडीगढ़ के गलियारों से लेकर प्रदेश की अनाज मंडियों तक, इस बार फसल खरीद की प्रक्रिया बदली-बदली नजर आएगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने साफ कर दिया है कि रबी सीजन की खरीद में 'जुगाड़' और 'गड़बड़ी' के लिए कोई जगह नहीं है। शनिवार की देर रात जिला उपायुक्तों (DCs) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री का रुख बेहद कड़ा रहा। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडियों में किसान की आवक से लेकर उसके बैंक खाते में भुगतान पहुंचने तक की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। सीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी मंडी में बारदाने की कमी या बुनियादी सुविधाओं का अभाव मिला, तो गाज सीधे बड़े अधिकारियों पर गिरेगी।
तकनीक का पहरा: बायोमेट्रिक और जियो-फेंसिंग से रुकेगी धांधली
इस बार मंडियों में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने 'डिजिटल चक्रव्यूह' तैयार किया है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब मंडी के गेट पर ई-खरीद मोबाइल ऐप से ही गेट पास कटेंगे। सबसे बड़ा बदलाव 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल के सत्यापन को लेकर है। अब फसल की बोली के समय किसान या उसके अधिकृत तीन प्रतिनिधियों में से किसी एक का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। इसके अलावा, सभी मंडियों को जियो-फेंस (Geo-fenced) किया गया है और उपज लेकर आने वाले हर वाहन का नंबर स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि बाहरी राज्यों की फसल को अवैध रूप से खपाने की कोशिशों पर लगाम कसी जा सके।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर: डीसी खुद करेंगे मंडियों का दौरा
मुख्यमंत्री ने केवल खरीद ही नहीं, बल्कि मंडियों में किसानों के सम्मान और सुविधा पर भी जोर दिया। उन्होंने आदेश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए मंडियों में ठंडे पानी, बैठने की व्यवस्था, साफ-सुथरे शौचालय और रियायती कैंटीन की सुविधा हर हाल में दुरुस्त रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मदद लेने और हर मंडी में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने उपायुक्तों को फील्ड में उतरने के निर्देश देते हुए कहा कि वे नियमित रूप से मंडियों का दौरा करें ताकि मौके पर ही समस्याओं का निपटारा हो सके।
खरीद केंद्रों का जाल: 416 केंद्रों पर होगी गेहूं की तुलाई
हरियाणा सरकार ने इस सीजन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। बैठक में साझा की गई जानकारी के अनुसार, अकेले गेहूं की खरीद के लिए राज्य भर में 416 केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा सरसों के लिए 112, जौ के लिए 25, चने के लिए 11 और मसूर के लिए 7 मंडियां चिन्हित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और कृषि विभाग के आला अधिकारियों की मौजूदगी में दोहराया कि सरकार एमएसपी (MSP) पर एक-एक दाना खरीदने के अपने वादे पर कायम है और किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत समय पर दी जाएगी।