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पानीपत में कोटक महिंद्रा बैंक पर पुलिस का छापा: पंचकूला नगर निगम घोटाले से जुड़े हैं तार

Mar 30, 2026 1:02 PM

पानीपत। हरियाणा की सियासत और ब्यूरोक्रेसी को हिला देने वाले पंचकूला नगर निगम घोटाले की आंच अब 'बुनकर नगरी' पानीपत तक धधक उठी है। सोमवार की सुबह जब शहर की रफ्तार पकड़ रही थी, तभी कोटक महिंद्रा बैंक की तीनों मुख्य शाखाओं—जीटी रोड, मॉडल टाउन और सेक्टर-11—को पुलिस ने अपने घेरे में ले लिया। बैंक के शटर खुलने से पहले ही संबंधित थानों की पुलिस वहां मुस्तैद हो गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर हुई इस 'सर्जिकल' कार्रवाई ने न केवल बैंक कर्मियों, बल्कि आम जनता को भी हैरत में डाल दिया।

न कर्मचारी अंदर गए, न ग्राहक: गेट पर ही अटकी रही सांसें

सुबह करीब 9 बजे जब बैंक का स्टाफ अपनी ड्यूटी पर पहुंचा, तो उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। देखते ही देखते बैंक के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ जमा होने लगी। सोमवार का दिन होने के कारण लेन-देन के लिए आए ग्राहकों की लंबी कतारें लग गईं, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे किसी की एक न चली। उपभोक्ता अंकुर सैनी और संदीप ने बताया कि वे जरूरी काम से बैंक आए थे, लेकिन पुलिस ने बिना कोई कारण बताए उन्हें बाहर ही रोक दिया। सस्पेंस इतना गहरा था कि बैंक मैनेजरों से लेकर कैशियर तक, सभी सड़क किनारे खड़े होकर आला अधिकारियों के अगले आदेश का इंतजार करते दिखे।

₹160 करोड़ का गबन और पानीपत का 'बैंक कनेक्शन'

सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कवायद पंचकूला नगर निगम में हुए करीब ₹160 करोड़ के गबन मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए की गई है। आशंका जताई जा रही है कि घोटाले की रकम का एक बड़ा हिस्सा या उससे जुड़े संदिग्ध लेन-देन इन शाखाओं के माध्यम से संचालित हुए हैं। रिकॉर्ड्स को सुरक्षित करने और डिजिटल साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने बैंक की गतिविधियों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया है। इस कार्रवाई की खबर जैसे ही फैली, पानीपत नगर निगम के उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भी धड़कनें तेज हो गई हैं, जिनका सीधा या परोक्ष संबंध इन खातों से रहा है।

सन्नाटा और अनसुलझे सवाल

दोपहर तक बैंक के बाहर सन्नाटा और भीतर सस्पेंस बना रहा। पुलिस अधिकारी इस मामले में कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, सिर्फ इतना कहा जा रहा है कि "जांच प्रक्रिया चल रही है।" वहीं, बैंक प्रबंधन ने भी फिलहाल चुप्पी साध रखी है। इस अचानक हुई तालाबंदी ने उपभोक्ताओं को भारी परेशानी में डाल दिया है, जिनका पैसा और जरूरी दस्तावेज बैंक के भीतर लॉकरों में बंद हैं। अब सबकी नजरें पंचकूला से आने वाली जांच टीम और पुलिस की अगली आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग पर टिकी हैं।

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