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नूंह में पेट्रोल के लिए हाहाकार! अफवाहों के बाद पंपों पर उमड़ी भीड़, खुले में तेल देने पर रोक

Mar 30, 2026 12:39 PM

मेवात। मेवात के नूंह जिले में इन दिनों सड़कों पर कम और पेट्रोल पंपों पर ज्यादा हलचल दिख रही है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते युद्ध के बाद छिड़ी एक अनजानी दहशत ने स्थानीय लोगों को पंपों की ओर दौड़ने पर मजबूर कर दिया है। सोशल मीडिया पर फैल रही इस चर्चा ने आग में घी का काम किया है कि आने वाले दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई पूरी तरह ठप हो जाएगी। आलम यह है कि सुबह होते ही पंपों पर ट्रैक्टरों, बाइकों और कारों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे जिले के मुख्य मार्गों पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो रही है। लोग काम-धंधा छोड़कर घंटों लाइनों में खड़े हैं ताकि भविष्य की किसी भी अनहोनी से बच सकें।

ड्रम और कैन पर लगा 'ब्रेक', केवल गाड़ियों में डलेगा तेल

बढ़ती भीड़ और 'पैनिक बाइंग' को देखते हुए नूंह के पेट्रोल पंप संचालकों ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अब किसी भी व्यक्ति को ड्रम, प्लास्टिक की केन या बोतलों में पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है। संचालकों का मानना है कि खुले बर्तनों में तेल ले जाने से न केवल सुरक्षा का खतरा है, बल्कि इससे जमाखोरी को भी बढ़ावा मिल रहा है। पेट्रोल पंप मैनेजर नईम खान के मुताबिक, "लोग डर के मारे महीनों का स्टॉक एक ही दिन में कर लेना चाहते हैं, जो कि नामुमकिन है। इसी अफरा-तफरी को रोकने के लिए हमने खुले में तेल देना बंद किया है ताकि हर जरूरतमंद को उसकी जरूरत के मुताबिक ईंधन मिल सके और कालाबाजारी पर लगाम लगे।"

डिपो से सप्लाई जारी, पर अफवाहें पड़ रही हैं भारी

हकीकत यह है कि तेल डिपो से सप्लाई में कोई बड़ी कटौती नहीं हुई है, लेकिन मांग में अचानक आए 400% के उछाल ने पंपों के रिजर्व स्टॉक को हिलाकर रख दिया है। जानकारों का कहना है कि नूंह जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र में किसान रबी सीजन की तैयारियों के लिए भी डीजल का स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे अफवाहों ने और ज्यादा हवा दे दी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी अब इन पंपों के आसपास गश्त बढ़ा रही है ताकि तेल भरवाने को लेकर होने वाले झगड़ों को रोका जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया ग्रुप्स पर नजर रखी जा रही है।

घबराएं नहीं, नूंह में तेल का पर्याप्त भंडार है

पंप संचालकों और जिला प्रशासन ने सामूहिक रूप से जनता से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी का शिकार न हों। अधिकारियों का कहना है कि भारत के पास तेल का पर्याप्त रणनीतिक भंडार है और स्थानीय स्तर पर किल्लत जैसी कोई बात नहीं है। नईम खान ने स्पष्ट किया कि सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है और जनता को केवल अपनी दैनिक आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन खरीदना चाहिए। अगर लोग सामान्य रूप से तेल भरवाना शुरू कर दें, तो ये लंबी कतारें कुछ ही घंटों में खत्म हो सकती हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

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