पिहोवा राइस मिल कांड: ₹34.70 लाख की 'सीक्रेट खर्च लिस्ट' वायरल, मचा प्रशासनिक हड़कंप
Mar 30, 2026 11:52 AM
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का पिहोवा इलाका इन दिनों चावल की मिलों में होने वाली 'फिजिकल वेरिफिकेशन' (PV) की आड़ में चल रहे कथित खेल को लेकर चर्चा में है। मामला तब और पेचीदा हो गया जब तीन संदिग्ध ऑडियो क्लिप के बाद अब एक हाथ से लिखी 'खर्च सूची' व्हाट्सएप ग्रुप्स में तैरने लगी। इस पर्ची में ₹34,70,400 के खर्च का कच्चा चिट्ठा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, यह किसी आधिकारिक लेटरहेड पर नहीं है, लेकिन इसमें जिस तरह से सरकारी विभागों और अधिकारियों के पदों का जिक्र कर रुपयों का हिसाब लिखा गया है, उसने विजिलेंस और जिला प्रशासन की रातों की नींद उड़ा दी है।
इंस्पेक्टर से लेकर शगुन तक का हिसाब: वायरल लिस्ट में क्या है?
वायरल हो रही इस पर्ची में खर्चों का विवरण बेहद चौंकाने वाला है। इसमें कथित तौर पर मार्केट कमेटी के नाम ₹17,67,700, फिजिकल वेरिफिकेशन (PV) के नाम ₹4,35,600 और फैक्ट्री एक्ट इंस्पेक्टर के लिए ₹20,000 दर्ज हैं। लिस्ट यहीं नहीं रुकती; इसमें दिवाली खर्च के ₹68,200, किसी 'मैडम' के नाम ₹70,000, होटल का बिल ₹3.57 लाख और यहाँ तक कि एक बड़े अधिकारी के नाम पर ₹5,100 का 'शगुन' भी लिखा गया है। इसके अलावा सीएम रैली और जगराते जैसे सामाजिक कार्यों के नाम पर भी मोटी रकम दिखाई गई है, जिसने भ्रष्टाचार के आरोपों को और हवा दे दी है।
मिलर्स एसोसिएशन का पलटवार: 'यह बदनाम करने की साजिश'
इधर, राइस मिलर्स एसोसिएशन पिहोवा ने इस लिस्ट को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है। एसोसिएशन के उपप्रधान बंटी कुमार ने दोटूक कहा कि यह किसी शरारती तत्व द्वारा एसोसिएशन की छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक साधारण कागज पर लिखी किसी भी बात को प्रमाण कैसे माना जा सकता है? एसोसिएशन ने मांग की है कि साइबर सेल के जरिए उस व्यक्ति का पता लगाया जाए जिसने यह लिस्ट वायरल की है। मिलर्स का कहना है कि वे किसी भी जांच का सामना करने को तैयार हैं क्योंकि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है।
प्रशासन सख्त, किसान संगठनों ने खोला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त (DC) विश्राम कुमार मीणा ने पहले ही एसडीएम पिहोवा को जांच सौंपकर दो दिन में रिपोर्ट तलब की है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) इस मामले में आर-पार की लड़ाई के मूड में है। भाकियू प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाया कि प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हुआ, तो सोमवार को एसडीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। फिलहाल, पूरे पिहोवा में इस 'सीक्रेट लिस्ट' को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर किसी की नजर अब एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर टिकी है।