Search

हरियाणा में तेल-गैस की किल्लत पर सीएम सैनी का बड़ा बयान: 'स्टॉक फुल है, अफवाहों पर न दें ध्यान

Mar 28, 2026 12:28 PM

हरियाणा। पिछले कुछ दिनों से हरियाणा के कई जिलों में पेट्रोल और एलपीजी की कमी को लेकर फैली अफवाहों पर शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद कमान संभाली। चंडीगढ़ में मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का पूरा पिटारा खोल दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि हरियाणा में न तो पेट्रोल की कमी है और न ही डीजल या रसोई गैस की। सीएम ने इस राहत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती का सीधा लाभ जनता को मिल रहा है और कीमतें स्थिर बनी रहेंगी।

प्रतिदिन 2 लाख सिलेंडर की आवक, 4000 से ज्यादा पंप एक्टिव

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ईंधन खपत और उपलब्धता का ब्यौरा देते हुए बताया कि हरियाणा में इस वक्त 4,032 सरकारी पेट्रोल पंप पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। राज्य में हर दिन औसतन 4,804 किलोलीटर पेट्रोल और 12,003 किलोलीटर डीजल की सेल हो रही है। रसोई गैस के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि रोजाना करीब 2 लाख सिलेंडर प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें से 1 लाख 90 हजार का वितरण तत्काल किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अस्पतालों और स्कूलों जैसे संवेदनशील संस्थानों में गैस की सप्लाई को प्राथमिकता पर रखा गया है।

जमाखोरों को चेतावनी: 1.73 लाख कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक मौजूद

विपक्ष और अफवाह फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कमर्शियल गैस का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इस समय प्रदेश के पास 1.73 लाख कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध हैं। उन्होंने साफ किया कि केंद्र सरकार ने घरेलू उत्पादन को 40 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है ताकि विदेशों से आयात पर निर्भरता कम हो सके। सीएम ने सख्त लहजे में कहा, "सरकार की नजर हर गतिविधि पर है। जो लोग इस स्थिति का फायदा उठाकर कालाबाजारी या जमाखोरी करने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।"

पीएनजी के क्षेत्र में 'बड़ा दांव': लीज रेट में ऐतिहासिक कटौती

मुख्यमंत्री ने हरियाणा को गैस पाइपलाइन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि पहले पाइपलाइन बिछाने के लिए कंपनियों से 3 लाख रुपये प्रति किलोमीटर का लीज रेट 10 साल के लिए एडवांस लिया जाता था। निवेश को बढ़ावा देने और आम आदमी तक सस्ती गैस पहुंचाने के लिए अब इस रेट को घटाकर महज 1,000 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में जल्द से जल्द 13.33 लाख घरों को पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) कनेक्शन से जोड़ा जाए, जिससे रसोई गैस की किल्लत का झंझट ही खत्म हो जाएगा।

You may also like:

Please Login to comment in the post!