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दिल्ली से पलवल तक नमो भारत रैपिड रेल की तैयारी, फरीदाबाद-बल्लभगढ़ होंगे प्रमुख स्टेशन

Mar 10, 2026 1:28 PM

हरियाणा। दिल्ली-एनसीआर में रैपिड रेल नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में एक और बड़े कॉरिडोर पर काम शुरू हो गया है। प्रस्तावित दिल्ली-फरीदाबाद-पलवल नमो भारत कॉरिडोर सराय काले खां से शुरू होकर बदरपुर, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के रास्ते पलवल तक जाएगा।

करीब 70 से 72 किलोमीटर लंबा यह रूट दक्षिण दिल्ली और हरियाणा के फरीदाबाद-पलवल क्षेत्र को तेज रफ्तार रेल सेवा से जोड़ेगा। इस परियोजना को दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के बाद एनसीआर में अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।

वॉयलेट लाइन के समानांतर बन सकता है रूट

प्रारंभिक चर्चा के अनुसार यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन के समानांतर बनाया जा सकता है। सराय काले खां से शुरू होकर बदरपुर, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-12, बल्लभगढ़ और पलवल तक प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं।

अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो फरीदाबाद और पलवल के हजारों दैनिक यात्रियों को तेज और सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। अभी इन क्षेत्रों से दिल्ली आने-जाने के लिए लोगों को सड़क या धीमी रफ्तार लोकल ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ता है।

अभी शुरुआती चरण में है परियोजना

दिल्ली-फरीदाबाद-पलवल नमो भारत कॉरिडोर फिलहाल मंजूरी के शुरुआती चरण में है। रूट सर्वे और प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट को लेकर चर्चा चल रही है।

दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पूरी तरह चालू होने के बाद सरकार अन्य प्रस्तावित रूटों की डीपीआर, टेंडर और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। आमतौर पर निर्माण शुरू होने के बाद ट्रैक और पिलर बिछाने में तीन से चार साल का समय लगता है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना

इस कॉरिडोर को आगे पलवल के जरिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने का भी प्लान तैयार किया जा रहा है। ऐसा होने पर दक्षिण हरियाणा से एयरपोर्ट तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा।

नमो भारत ट्रेन की औसत गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है। इस वजह से दिल्ली-फरीदाबाद-पलवल के बीच सफर का समय मौजूदा बस या लोकल ट्रेनों की तुलना में काफी कम हो सकता है।

रूट और फंडिंग पर केंद्र-राज्य के बीच चर्चा

परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही रूट एलाइनमेंट और फंडिंग मॉडल पर केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के बीच चर्चा जारी है। सराय काले खां को इस नेटवर्क का मुख्य हब बनाया जाएगा।

यहां से यात्री दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल या प्रस्तावित दिल्ली-अलवर रूट की ट्रेनों में आसानी से इंटरचेंज कर सकेंगे। इससे एनसीआर के अलग-अलग शहरों के बीच तेज और सुगम कनेक्टिविटी का नेटवर्क मजबूत होगा।

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