हरियाणा बोर्ड परीक्षाएं समाप्त: 388 नकलची पकड़े गए, लापरवाही बरतने पर 61 पर्यवेक्षक सस्पेंड
Apr 02, 2026 11:39 AM
हरियाणा। भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के मुख्यालय से बुधवार को एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई। 25 फरवरी से शुरू हुई 10वीं, 12वीं और डी.एल.एड. की वार्षिक परीक्षाओं का आधिकारिक तौर पर समापन हो गया है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए बताया कि इस बार परीक्षाओं का संचालन न केवल शांतिपूर्ण रहा, बल्कि बोर्ड की सख्ती का असर धरातल पर भी दिखा। आंकड़ों की बाजीगरी से इतर, इस साल अनुचित साधनों के इस्तेमाल (Umc) के महज 388 मामले सामने आए हैं, जो पिछले तीन सालों के रिकॉर्ड में सबसे कम हैं। अंतिम दिन 736 केंद्रों पर 12वीं की संस्कृत व्याकरण और कौशल योग्यता की परीक्षा में करीब 45 हजार छात्र शामिल हुए, जहां पूरी शुचिता बरती गई।
लापरवाही पर गिरे 'गाज': सुपरवाइजरों और अधीक्षकों पर बड़ी कार्रवाई
बोर्ड की 'जीरो टॉलरेंस' नीति इस बार केवल छात्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ड्यूटी में कोताही बरतने वाले स्टाफ पर भी बोर्ड का डंडा खूब चला। परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ करने या ढिलाई बरतने के आरोप में बोर्ड ने 7 प्रमुख केंद्र अधीक्षक, 2 केंद्र अधीक्षक और 61 पर्यवेक्षकों (Invigilators) को तुरंत प्रभाव से रिलीव कर दिया है। बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इन सभी के खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिख दिया गया है। बोर्ड का मानना है कि जब तक परीक्षा लेने वाला अमला ईमानदार नहीं होगा, तब तक नकल रहित परीक्षा का सपना पूरा नहीं हो सकता।
325 फ्लाइंग स्क्वॉड और 5.71 लाख परीक्षार्थी: मैनेजमेंट का मेगा शो
इस बार बोर्ड परीक्षाओं का पैमाना काफी विशाल था। प्रदेशभर के 1433 परीक्षा केंद्रों पर कुल 5,71,767 परीक्षार्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई। इसमें 10वीं के 2.95 लाख और 12वीं के 2.70 लाख से ज्यादा छात्र शामिल थे। परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड ने 325 प्रभावी उड़नदस्तों (Flying Squads) का गठन किया था, जो लगातार केंद्रों पर छापेमारी कर रहे थे। हालांकि, कुछ केंद्रों पर अव्यवस्था और नकल की शिकायतें इतनी गंभीर थीं कि बोर्ड को कड़ा फैसला लेना पड़ा। इसी के तहत 10वीं के दो और 12वीं के तीन केंद्रों की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं, जबकि तीन केंद्रों को संवेदनशील मानकर शिफ्ट किया गया।
शुचिता और पवित्रता पर नहीं उठा कोई सवाल: डॉ. पवन कुमार
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने परीक्षाओं के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में ऐसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई जिससे बोर्ड की साख या परीक्षा की शुचिता पर कोई प्रश्नचिह्न लगे। उन्होंने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी दिया। बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की दिन-रात की मेहनत की प्रशंसा करते हुए उन्होंने शिक्षक वर्ग का भी आभार जताया। अब बोर्ड का अगला लक्ष्य समय पर मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द परिणाम घोषित करना है।