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हरियाणा कैबिनेट बैठक: 18 एजेंडों पर लगी मुहर, जानें आपके काम के कौन से हैं फैसले

Mar 25, 2026 10:12 AM

हरियाणा। चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कर्मचारियों के लिए एक बड़ा एलान किया। अब हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों को हाउसिंग या अन्य अग्रिम ऋण (Advance Loan) के लिए बैंकों की लंबी कागजी कार्रवाई से नहीं जूझना होगा। सरकार ने पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 1 जून से सीधे अपनी तिजोरी से लोन देने का फैसला किया है। अभी तक यह सुविधा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के जरिए मिलती थी, लेकिन अब 2016 से पहले वाली व्यवस्था को दो चरणों में फिर से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि 31 मई तक जो लोन लिए जा चुके हैं, उनका भुगतान पहले की तरह चलता रहेगा, लेकिन नए आवेदन सीधे सरकार के पास आएंगे।

स्कूल दाखिले के नियम बदले: 6 साल की उम्र अब जरूरी

शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए कैबिनेट ने हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम-2003 में संशोधन को मंजूरी दी है। अब प्रदेश के किसी भी स्कूल में पहली कक्षा में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र कम से कम 6 साल या उससे अधिक होनी चाहिए। केंद्र की नई शिक्षा नीति के अनुरूप उठाए गए इस कदम से प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे में एकरूपता आएगी। इससे पहले कम उम्र में दाखिले को लेकर कई बार असमंजस की स्थिति रहती थी, जिसे अब पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है।

गुरुग्राम-फरीदाबाद में घर लेना होगा महंगा, हाउसिंग पॉलिसी में बदलाव

शहरी इलाकों में मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदने के सपने पर महंगाई की मार पड़ी है। कैबिनेट ने किफायती हाउसिंग पॉलिसी-2013 में संशोधन कर दरों में औसतन 12% की बढ़ोतरी कर दी है। सबसे ज्यादा असर साइबर सिटी गुरुग्राम में दिखेगा, जहाँ प्रति वर्ग फीट दर में 575 रुपये का इजाफा किया गया है। अब गुरुग्राम में नई दरें 5,575 रुपये प्रति वर्ग फीट होंगी। वहीं, फरीदाबाद और सोहना (जिसे अब 'B' कैटेगरी में रखा गया है) के लिए दरें 5,450 रुपये तय की गई हैं। सरकार का तर्क है कि बढ़ती निर्माण लागत के चलते यह संशोधन जरूरी था।

गांवों में महिलाओं को रोजगार और उद्योगों को भूमि इस्तेमाल में छूट

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने सामुदायिक भागीदारी का मॉडल अपनाया है। अब गांवों में पानी के बिलों की वसूली का जिम्मा महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सौंपा जाएगा। खास बात यह है कि कुल वसूली का 10 प्रतिशत हिस्सा इन समूहों को प्रोत्साहन राशि के रूप में मिलेगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के नए स्रोत खुलेंगे। इसके अलावा, औद्योगिक इकाइयों के लिए 'मिक्स लैंड यूज' पॉलिसी में ढील दी गई है। अब उद्योग अपनी जरूरतों के हिसाब से जमीन के इस्तेमाल को आवासीय या वाणिज्यिक में बदल सकेंगे, बशर्ते वे 70:30 का अनुपात और न्यूनतम क्षेत्र के मानकों को पूरा करते हों।

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