बुजुर्गों के लिए खुशखबरी! हरियाणा सरकार मुफ्त में कराएगी नांदेड़ साहिब के दर्शन, जानें कैसे करें अप्लाई
Apr 02, 2026 1:51 PM
हरियाणा। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश के बुजुर्गों के आध्यात्मिक सपनों को पंख लगाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अगले चरण में, सिख धर्म के पवित्र पांच तख्तों में से एक, 'तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब' (नांदेड़, महाराष्ट्र) के लिए एक विशेष ट्रेन रवाना होने जा रही है। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उन परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा भी है जो आर्थिक तंगी के कारण अपनों को तीर्थाटन नहीं करा पाते थे। आगामी 5 मई को कुरुक्षेत्र की पावन धरा से मुख्यमंत्री खुद इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ स्पष्ट मानक तय किए हैं। आवेदन करने वाले वरिष्ठ नागरिक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। साथ ही, परिवार पहचान पत्र (PPP) में सत्यापित वार्षिक आय ₹1,80,000 से कम होना अनिवार्य है। सरकार ने एक विशेष प्रावधान भी रखा है—यदि कोई बुजुर्ग अकेले यात्रा करने में असमर्थ है, तो वह अपने साथ एक सहायक को ले जा सकता है, हालांकि सहायक की यात्रा का खर्च पूर्ण भुगतान के आधार पर होगा।
15 अप्रैल तक करें आवेदन, 'पहले आओ-पहले पाओ' का रहेगा नियम
अगर आप या आपके परिवार का कोई बुजुर्ग इस पावन यात्रा का हिस्सा बनना चाहता है, तो समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सरल हरियाणा पोर्टल पर पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 अप्रैल तय की गई है। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों में परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और शारीरिक रूप से फिट होने का स्व-घोषणा पत्र शामिल है। ध्यान रहे कि जिन लोगों ने पिछले 3 वर्षों में इस सरकारी योजना का लाभ लिया है, वे दोबारा पात्र नहीं होंगे।
सरकार की मेहमानवाजी: रहना, खाना और घूमना सब फ्री
अक्सर तीर्थ यात्राओं में बुजुर्गों को रहने और खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है। ट्रेन की टिकट से लेकर नांदेड़ साहिब में ठहरने, भोजन और वहां के स्थानीय धार्मिक स्थलों के भ्रमण का पूरा इंतजाम सरकार द्वारा किया जाएगा। पंजीकरण के बाद आवेदकों को अपने संबंधित जिले के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (DIPRO) कार्यालय में इसकी जानकारी 16 अप्रैल से पहले देनी होगी, ताकि रेलवे को यात्रियों की अंतिम सूची समय पर भेजी जा सके।
धर्म और सेवा के इस संगम ने प्रदेश के हजारों बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। अब देखना यह है कि इस 'पहले आओ, पहले पाओ' की दौड़ में कौन-कौन से भाग्यशाली श्रद्धालु गुरु घर की हाजिरी लगा पाते हैं।