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हरियाणा में 658 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी: सीएम नायब सैनी ने बिजली और सफाई के लिए खोला पिटारा

Mar 13, 2026 11:39 AM

हरियाणा। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे और शहरी सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित 'हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी' (HPWPC) की बैठक में कुल 658 करोड़ रुपये (कुल स्वीकृत राशि 687.82 करोड़) की परियोजनाओं पर मुहर लगाई गई। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा की मौजूदगी में जनता से जुड़े सीधे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

शहरों की सफाई और कचरा प्रबंधन पर विशेष फोकस

बैठक में सबसे ज्यादा जोर स्वच्छता अभियान और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर रहा। गोहाना और पलवल में अब डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और प्रोसेसिंग का काम नई रफ्तार पकड़ेगा। वहीं, करनाल के लोगों को पुराने कचरे के ढेरों (Legacy Waste) से मुक्ति दिलाने के लिए 'बायो-रिमेडिएशन' प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। हिसार के सेक्टरों में सड़कों की मशीनीकृत सफाई और फरीदाबाद में 20 MLD के नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण से शहरी जीवन सुगम होगा। सरकार का लक्ष्य है कि इन प्रोजेक्ट्स के जरिए हरियाणा के शहरों को स्वच्छता रैंकिंग में टॉप पर लाया जाए।

बिजली और पानी की समस्याओं का होगा स्थायी समाधान

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVNL) के लिए 220 kV और भारी क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की खरीद को हरी झंडी मिल गई है। इससे उन गांवों और शहरों में लो वोल्टेज की समस्या दूर होगी जहां लोड ज्यादा रहता है। हिसार के किरोड़ी, महेंद्रगढ़ के धनोदा और फरीदाबाद के नावदा में 400 kV के विशाल सबस्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, गुरुग्राम के बसई जलघर से सेक्टर-25 तक रेलवे लाइन के नीचे पाइपलाइन बिछाने और अशोक विहार में जल निकासी के लिए मास्टर ड्रेन बनाने की योजना को मंजूरी देकर जलभराव की समस्या का समाधान ढूंढ लिया गया है।

न्यायिक परिसर और ड्रेनेज: छोटे शहरों को भी बड़ी सौगात

बैठक में केवल बड़े शहरों ही नहीं, बल्कि उपमंडलों का भी ध्यान रखा गया है। बावल में 18 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक न्यायिक कॉम्प्लेक्स (Judicial Complex) बनाया जाएगा, जिसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, कालांवाली STP से रोड़ी घग्गर ड्रेन तक पाइपलाइन डालने के कार्य को भी प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और काम की गुणवत्ता के आधार पर ठेकेदारों की 'ग्रेडिंग' तय हो। बेहतर काम करने वालों को इनाम मिलेगा, लेकिन लापरवाही करने वालों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

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