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साइकिल पर मंत्री जी: हरियाणा सरकार ने वाहनों के बेड़े में की 50% की कटौती, जानें नया नियम

May 14, 2026 10:25 AM

हरियाणा। हरियाणा की सियासत में इन दिनों 'सादगी' की नई बयार बह रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीआईपी प्रोटोकॉल और ताम-झाम को दरकिनार करते हुए अपने सुरक्षा काफिले में शामिल वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की कटौती करने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील के बाद सीएम सैनी ने यह 'सुधारात्मक' कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब उनके कारकेड में केवल वही वाहन शामिल होंगे, जो सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य हैं।

जब साइकिल पर निकले मंत्री जी, कुरुक्षेत्र से चंडीगढ़ तक सादगी का संदेश

मुख्यमंत्री की इस पहल का असर कैबिनेट में भी दिखने लगा है। चंडीगढ़ की सड़कों पर उस वक्त लोग हैरान रह गए, जब प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा साइकिल चलाकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। हालांकि, इस दौरान एक विरोधाभासी तस्वीर भी दिखी, जहां मंत्री जी साइकिल पैडल मार रहे थे और उनके पीछे काफिले की गाड़ियां रेंग रही थीं। उधर, कुरुक्षेत्र में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और सादगी का उदाहरण पेश किया। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों से भी आग्रह किया है कि वे बैठकों के लिए वर्चुअल माध्यम का अधिक प्रयोग करें।

Z+ सिक्योरिटी का प्रोटोकॉल और अब बदली हुई फ्लीट

बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सैनी को Z+ सुरक्षा मिली हुई है। प्रोटोकॉल के मुताबिक, उनके काफिले में 8 से 15 गाड़ियां दौड़ती हैं, जिसमें 10 एनएसजी कमांडो सहित करीब 55 जवान तैनात रहते हैं। सुरक्षा घेरे और स्टाफ के लिए इस्तेमाल होने वाली इन गाड़ियों की संख्या अब घटकर करीब 7 रह जाएगी। सीएम ने एक और बड़ा संकल्प लेते हुए कहा कि वे सप्ताह में एक दिन बिना किसी सरकारी वाहन के अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

नई गाड़ियों की खरीद और फालतू एस्कॉर्ट पर रहेगी नजर

सरकार के इस नए फरमान का असर केवल मुख्यमंत्री तक सीमित नहीं रहेगा। अब सभी विभागों में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के पास मौजूद अतिरिक्त वाहनों की समीक्षा की जाएगी। एस्कॉर्ट और फॉलो कारों की तैनाती को तर्कसंगत बनाया जाएगा और विभागीय पूल की गाड़ियों के साझा इस्तेमाल (शेयरिंग) को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि फिजूलखर्ची रोकने के लिए नई गाड़ियों की खरीद पर भी कड़ा नियंत्रण रखा जाएगा।

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