Punjab News: लुधियाना में 2 अवैध कॉल सेंटरों पर पुलिस की बड़ी रेड, 100 से अधिक लोग हिरासत में, मास्टरमांइड की तलाश में जुटी पुलिस
May 14, 2026 2:41 PM
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध कॉल सेंटरों पर देर रात छापेमारी की है। यह कार्रवाई फिरोजपुर रोड स्थित संधू टावर और सिल्वर आर्क मॉल के पास की अलग-अलग बिल्डिंगों में की गई। साइबर सेल की टीमों ने एक साथ दोनों जगहों पर दबिश दी, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 100 से अधिक युवक-युवतियों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये कॉल सेंटर विदेशों में रहने वाले नागरिकों को फोन कॉल के जरिए झांसे में लेकर उनसे बड़ी रकम की ठगी करने में शामिल थे। पुलिस को मौके से नकदी, मोबाइल फोन, हाई-टेक लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में किया जा रहा था।
विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना
सूत्रों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। आरोपी विदेशी नागरिकों को कॉल करके डराने, धमकाने या विभिन्न बहानों से उनके बैंक खातों से पैसे निकालने का काम करते थे। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित साइबर ठगी रैकेट हो सकता है, जिसमें कई राज्यों के लोग शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान कई कर्मचारियों को मौके पर ही हिरासत में लिया गया, जिनमें पंजाब के अलावा अन्य राज्यों के युवक-युवतियां भी शामिल हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और असली मालिकों की तलाश में जुट गई है, जो कथित रूप से पर्दे के पीछे से इस पूरे अवैध कारोबार को संचालित कर रहे थे।
बरामद हुआ हाई-टेक सामान
कार्रवाई के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं, जिनमें कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इनका इस्तेमाल कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों से संपर्क और ठगी के लिए किया जाता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए उपकरणों और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में विस्तृत जांच जारी है और जल्द ही सीनियर अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है और आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।