Search

हरियाणा में 13 दिन बाद खत्म हुई हड़ताल: सफाई और फायर कर्मियों की सभी 12 मांगें मानी

May 14, 2026 2:55 PM

हरियाणा। हरियाणा के शहरों में पिछले करीब दो हफ्तों से लगा गंदगी का अंबार अब हटने वाला है। अपनी मांगों को लेकर अड़े सफाई और अग्निशमन (फायर) कर्मचारियों ने सरकार के साथ सफल वार्ता के बाद हड़ताल वापस ले ली है। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में बुधवार को दो चरणों में करीब छह घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में नायब सैनी सरकार ने कर्मचारियों की सभी 12 मांगों पर अपनी मुहर लगा दी। बैठक में शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर की मौजूदगी में हुए इस समझौते से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों में खुशी की लहर है।

वेतन में भारी इजाफा और सुरक्षित भविष्य का वादा

इस समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि कच्चे सफाई कर्मचारियों के वेतन में हुई वृद्धि है। अब तक महज सात से आठ हजार रुपये में गुजारा करने वाले ठेका कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेतन अब सीधे बैंक खातों में आएगा और ठेकेदारों की मनमानी रोकने के लिए उनके लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, कर्मचारियों को ईएसआई (ESI) और ईपीएफ (EPF) जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी दिया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर सहायता राशि को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है और आश्रितों के लिए उम्र की बंदिशें खत्म कर दी गई हैं।

फरीदाबाद के शहीदों को सम्मान, पे-रोल कर्मियों को बड़ी राहत

सरकार ने फरीदाबाद अग्निशमन विभाग के उन जांबाज कर्मचारियों के परिवारों का भी विशेष ख्याल रखा है, जिन्होंने हादसे में अपनी जान गंवाई थी। सरकार ने उनके आश्रितों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। साथ ही, पे-रोल पर कार्यरत 1250 कर्मचारियों को पक्का करने का रास्ता साफ हो गया है, जिन्हें आयु सीमा और सीटेट (CTET) जैसी शर्तों से छूट दी जाएगी। वर्दी और जोखिम भत्ते के तौर पर पांच-पांच हजार रुपये देने की फाइल भी अंतिम चरण में है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दिखेगा असर

हड़ताल खत्म होने के साथ ही अब नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीद है। कर्मचारी नेताओं ने रोहतक में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाकर इस जीत का जश्न मनाया और सरकार के सकारात्मक रुख का स्वागत किया। सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल कर्मचारियों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए निकायों की कार्यक्षमता में भी इजाफा होगा। फरीदाबाद के उन 111 कर्मचारियों के लिए भी यह बड़ी जीत है जो हाई कोर्ट में केस जीतने के बाद अपने हक का इंतजार कर रहे थे।

You may also like:

Please Login to comment in the post!