Haryana Horticulture Project: हरियाणा के किसानों के लिए 2738 करोड़ का मेगा बजट, सीएम सैनी ने शुरू की बागवानी संवर्धन परियोजना
Jun 06, 2026 12:29 PM
हरियाणा। हरियाणा अब परंपरागत खेती के ढर्रे से निकलकर हाईटेक एग्री-बिजनेस का हब बनने की ओर कदम बढ़ा चुका है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय समारोह में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की मौजूदगी में 2,738 करोड़ रुपये की महात्वाकांक्षी 'सतत बागवानी संवर्धन परियोजना' की शुरुआत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि हरियाणा ने कभी देश को हरित क्रांति दी थी, लेकिन आज बदलते मौसम, घटते भूजल और छोटी होती जोत के कारण हमें खेती के नए विकल्प तलाशने होंगे। सरकार का पूरा जोर अब बागवानी, औषधीय पौधों, मशरूम और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर है।
खेत से बाजार तक नहीं सड़ेंगी सब्जियां, AI और डिजिटल तकनीक से सजेगा पूरा नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने खेती से जुड़ी एक कड़वी हकीकत का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी हमारी 20 से 30 फीसदी फल-सब्जियां बाजार पहुंचने से पहले ही खराब हो जाती हैं। इस नुकसान पर लगाम लगाने के लिए सरकार प्रदेश में 400 बागवानी क्लस्टर विकसित करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत 402 छोटे पैक हाउस, 4 बड़े लीड पैक हाउस, 3 फुलफिलमेंट सेंटर और 44 रिटेल आउटलेट खड़े किए जाएंगे। बड़ी बात यह है कि इस पूरी सप्लाई चेन की मॉनिटरिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ प्लांट्स, डेटा एनालिटिक्स और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा, जिससे फसल कटाई के बाद होने वाला नुकसान 10 से 15 फीसदी तक कम हो जाएगा।
शिवालिक और अरावली में बनेंगे 25 नए बांध, जलभराव वाली जमीन का होगा कायाकल्प
पानी की किल्लत और जमीन की सेहत सुधारने के लिए भी इस मास्टरप्लान में पुख्ता इंतजाम हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भूमिगत जल को सहेजने के लिए शिवालिक और अरावली के पहाड़ी इलाकों में 25 नए जल भंडारण बांध बनाए जाएंगे, जबकि 25 पुराने बांधों की मरम्मत कर उन्हें नया जीवन दिया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के कई हिस्सों में किसानों के लिए नासूर बन चुकी सेम और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 'बायोड्रेनेज तकनीक' अपनाई जाएगी। इसके तहत इस साल 1,000 हेक्टेयर दलदली जमीन पर खास तरह के पौधे लगाए जाएंगे, जो अतिरिक्त पानी सोखकर जमीन को दोबारा खेती के लायक बनाएंगे।
भारत-जापान की दोस्ती का नया अध्याय, 3 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
इस पूरी परियोजना में जापान सरकार की वित्तीय संस्था 'जायका' (JICA) का अहम सहयोग है। भारत-जापान के सदियों पुराने रिश्तों का हवाला देते हुए सीएम सैनी ने बताया कि अकेले हरियाणा में इस समय 394 जापानी उद्योग और 600 से अधिक बिजनेस सेंटर चल रहे हैं। अब इसी सहयोग को आगे बढ़ाते हुए करनाल की महाराणा प्रताप बागवानी यूनिवर्सिटी और जापान की कोची यूनिवर्सिटी मिलकर रिसर्च करेंगी। पंचकूला में बनने जा रहा 'हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर' युवाओं और महिलाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर का काम करेगा, ताकि वे नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि एग्री-स्टार्टअप्स के जरिए रोजगार देने वाले बनें।