Search

हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले! CM नायब सैनी ने जारी किए मुआवजे के 370 करोड़ रुपये

Apr 25, 2026 11:43 AM

हरियाणा। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने एक बार फिर किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सचिवालय में ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा कि सरकार की योजनाओं का सरलीकरण इस तरह होना चाहिए कि किसान को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटलाइजेशन के नाम पर किसानों को जो परेशानियां आ रही हैं, उनका तुरंत समाधान किया जाए। इसी बैठक में मुख्यमंत्री ने खरीफ 2025 के लंबित मुआवजे के 370.52 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए।

तकनीकी जांच में फंसे 1.5 लाख किसानों को मिलेगा हक

यह मुआवजा उन दावों के लिए है जो पहले तकनीकी जांच के कारण लंबित रह गए थे। विभाग के पास कई ऐसे मामले आए थे जिनमें एक जैसी फोटो या संदिग्ध दस्तावेज अपलोड किए गए थे। अब गहन जांच के बाद सरकार ने 1.5 लाख से अधिक वास्तविक लाभार्थियों की पहचान कर ली है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह पैसा उन किसानों का हक है जिनकी मेहनत पर कुदरत की मार पड़ी थी। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से यह राशि पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी।

फर्जी दावों पर डिजिटल स्ट्राइक

बैठक में चौंकाने वाले आंकड़े भी सामने आए। अधिकारियों ने बताया कि इस डिजिटल सिस्टम ने 5500 से अधिक ऐसे दावों को पकड़ा है जो फर्जी या अपात्र थे। इससे न केवल सरकारी खजाने के दुरुपयोग को रोका गया, बल्कि यह भी सुनिश्चित हुआ कि राहत केवल उन्हीं को मिले जो वास्तव में इसके हकदार हैं। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी सरकार ने प्रथम चरण के तहत 53,821 किसानों को करीब 116 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की थी।

मुरब्बा स्तर की जियो-रैफरेंसिंग: अब नहीं चलेगी कोई गड़बड़ी

हरियाणा अब कृषि क्षेत्र में आपदा प्रबंधन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। प्रदेश में जियो-रैफरेंसिंग प्रक्रिया को अब मुरब्बा (खेत की सटीक लोकेशन) स्तर तक लागू कर दिया गया है। एग्रीस्टैक तकनीक के जरिए प्रत्येक खेत का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार है। इसका फायदा यह होगा कि पटवारी या किसी अन्य अधिकारी की रिपोर्ट के साथ-साथ सैटेलाइट और जियो-लोकेशन डेटा से यह पता चल जाएगा कि किस खेत में कौन सी फसल थी और कितना नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तकनीक से भविष्य में मुआवजे की प्रक्रिया और भी तेज और सटीक हो जाएगी।

You may also like:

Please Login to comment in the post!